मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन हादसे की असली वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। बृजेश्वरी एनएक्स स्थित मकान में लगी आग में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां लगातार सुराग जुटाने में लगी हैं, वहीं रेस्क्यू टीम और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से कुछ नए संकेत सामने आए हैं।
अब भी अनसुलझा है आग लगने का कारण
इंदौर के बृजेश्वरी एनएक्स इलाके में 18 मार्च की तड़के लगी भीषण आग की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां लगातार जांच में जुटी हैं, लेकिन आग लगने की मुख्य वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। शुरुआती स्तर पर कई संभावनाओं पर काम किया जा रहा है, जिनमें तकनीकी और बाहरी कारण दोनों शामिल हैं।
रेस्क्यू टीम के बयान से नए संकेत
घटनास्थल पर पहुंची रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने अपने बयान में बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे, तब घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में आग लगी हुई थी। कार का चार्जिंग केबल बिजली बोर्ड से जुड़ा हुआ था, जिसे तत्काल काटा गया। इस जानकारी के बाद जांच का फोकस ईवी चार्जिंग सिस्टम पर भी गया है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी बाकी है।
एक सप्ताह से सील है मकान
इस दर्दनाक हादसे में पुगलिया परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, छह लोगों की मौत जलने से और दो की झुलसने से हुई। घटना के बाद से मकान को सील कर दिया गया है और जांच पूरी होने तक इसे खोला नहीं जाएगा। परिवार और स्थानीय लोगों में अब भी इस हादसे को लेकर गहरा शोक है।
बयान और सबूत जुटाने में जुटी पुलिस
तिलक नगर थाना पुलिस अब तक आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें कॉलोनी के रहवासी और एसडीईआरएफ टीम के सदस्य शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सभी बयानों और तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है ताकि घटना के हर पहलू को समझा जा सके।
वीडियो फुटेज और सैंपल जांच जारी
पुलिस ने घटना से पहले के कुछ वीडियो फुटेज जब्त किए हैं और जले हुए डीवीआर को साइबर लैब भेजा गया है, जिससे महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा चार सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। निगम की टीम का निरीक्षण बाकी है, जिसके बाद ही मकान की सील हटाई जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां हर एंगल से इस रहस्य को सुलझाने में जुटी हैं।