मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा अपग्रेड मिला है। शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय अस्पताल) में सरकारी क्षेत्र का पहला बेरियेट्रिक और मेटाबोलिक क्लिनिक शुरू हो गया है। अब मोटापे से जूझ रहे मरीजों को महंगी निजी सर्जरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलेगा।
एक ही छत के नीचे जांच से सर्जरी तक सुविधा
एमवाय अस्पताल में शुरू हुआ यह क्लिनिक मोटापे के इलाज के लिए समग्र सुविधा प्रदान करेगा। यहां मरीजों की शुरुआती जांच, डाइट और लाइफस्टाइल काउंसलिंग, विशेषज्ञ परामर्श और जरूरत पड़ने पर बेरियेट्रिक सर्जरी तक की व्यवस्था एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और इलाज की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी होगी।
4-5 लाख की सर्जरी अब मुफ्त
निजी अस्पतालों में मोटापा सर्जरी का खर्च आमतौर पर 4 से 5 लाख रुपए तक पहुंच जाता है, जो मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए बड़ी चुनौती है। अब आयुष्मान योजना के पात्र मरीजों को यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सीधा लाभ होगा और गंभीर मोटापे से जूझ रहे मरीज समय पर इलाज करा सकेंगे।
मोटापा: बढ़ती सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली, फास्ट फूड की आदत और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज जैसी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में यह क्लिनिक सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि जागरूकता और रोकथाम के लिए भी अहम भूमिका निभाएगा।
मरीजों को मिली नई जिंदगी
खजराना निवासी 30 वर्षीय गुल अफशां का वजन सर्जरी के बाद 120 किलोग्राम से घटकर डेढ़ महीने में 97 किलोग्राम हो गया। इससे उनकी डायबिटीज में सुधार आया है। वहीं सुषमा भिलवारे का वजन 103 किलोग्राम से घटकर 70 किलोग्राम हो गया, जिससे बीपी और अन्य समस्याओं में राहत मिली। इन उदाहरणों से साफ है कि सरकारी अस्पताल में शुरू हुई यह सुविधा कई लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है।