होलिका दहन के पारंपरिक पर्व को इस बार इंदौर में एक अलग सामाजिक संदेश के साथ जोड़ा जा रहा है। मेन्स राइट्स के लिए सक्रिय पौरुष संस्था 2 मार्च को महालक्ष्मी नगर स्थित मेला ग्राउंड में 11 चेहरों वाली “मॉडर्न हत्यारी होलिका” का दहन करेगी। संस्था का दावा है कि यह आयोजन समाज में बढ़ते पारिवारिक अपराधों और संवेदनशील मामलों पर चर्चा की पहल है।
सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित होगा आयोजन
संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा के अनुसार, यह कार्यक्रम 2 मार्च को शाम 4 बजे से 6:30 बजे के बीच एयू बैंक के सामने, पुष्प विहार कॉलोनी मेन रोड स्थित मेला ग्राउंड में आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष होलिका दहन को प्रतीकात्मक रूप से उन महिलाओं के मामलों से जोड़ा गया है, जिन पर अपने ही बच्चों की हत्या के गंभीर आरोप लगे हैं।
सूचना सेठ का चेहरा होगा प्रमुख प्रतीक
पुतले में 11 चेहरों को शामिल किया जाएगा, जिनमें से एक प्रमुख चेहरा सूचना सेठ का बताया गया है। संस्था का कहना है कि यह चयन उन चर्चित आपराधिक मामलों के प्रतीक के रूप में किया गया है, जिन्होंने देशभर में बहस छेड़ी। हालांकि इन मामलों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है, संस्था इसे सामाजिक विमर्श का माध्यम बता रही है।
कई राज्यों के मामलों का प्रतीकात्मक उल्लेख
आयोजन में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश (ग्वालियर), हरियाणा और गुजरात से जुड़े चर्चित मामलों को भी प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जाएगा। संस्था का कहना है कि इन घटनाओं ने पारिवारिक संरचना, अभिभावक जिम्मेदारी और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
पौराणिक कथा से जोड़ा गया संदर्भ
संस्था ने अपने आयोजन को होलिका और भक्त प्रह्लाद की पौराणिक कथा से जोड़ा है। उनका तर्क है कि जिस प्रकार प्रह्लाद को जलाने का प्रयास किया गया था, उसी तरह आधुनिक समाज में भी कुछ मामलों में निर्दोष बच्चों के खिलाफ अपराध देखने को मिलते हैं। संस्था इसे सामाजिक चेतना जगाने की पहल बता रही है।
संवाद और जागरूकता का संदेश
एडवोकेट अशोक दशोरा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते आपराधिक मामलों, पारिवारिक विवादों और कथित कानूनी दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर खुली चर्चा को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर सामाजिक संवाद का हिस्सा बनने की अपील की है।