मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक बड़े हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा होने से हड़कंप मच गया है। एक कारोबारी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में महिलाओं के साथ कुछ पुरुषों की भी संलिप्तता सामने आई है। जांच के दौरान मोबाइल डेटा से भोपाल तक कनेक्शन मिलने पर मामला और गंभीर हो गया, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
कारोबार के बहाने रची गई साजिश
जानकारी के अनुसार पीड़ित कारोबारी को व्यापारिक साझेदारी के नाम पर जाल में फंसाया गया। पहले परिचय बढ़ाया गया और फिर भरोसा जीतकर उसे पार्टनरशिप के समझौते में उलझाया गया। इस दौरान आरोपियों ने योजना के तहत कारोबारी को दबाव में लेने और बाद में ब्लैकमेल करने की रणनीति तैयार की थी। लेकिन समय रहते कारोबारी को शक हो गया और उसने पूरे मामले की शिकायत दर्ज करा दी।
शिकायत के बाद तेज हुई पुलिस कार्रवाई
शिकायत मिलते ही जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित कुछ लोगों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध संपर्क सामने आए, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने लगा। पुलिस ने डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले की परतें खोलनी शुरू कीं और कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।
भोपाल कनेक्शन और महिला आरोपी की गिरफ्तारी
जांच आगे बढ़ने पर मोबाइल ट्रेसिंग के जरिए कुछ अहम नंबर भोपाल से जुड़े पाए गए। इसके बाद वहां से एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया, जिस पर पहले भी गंभीर मामलों में संलिप्तता के आरोप रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह महिला इस पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा हो सकती है और उससे पूछताछ में कई बड़े खुलासे संभव हैं।
पुलिस आरक्षक की भूमिका पर सवाल
इस मामले में एक पुलिस आरक्षक का नाम भी सामने आया है, जिसका संपर्क आरोपियों से लगातार बताया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में सामने आए इन संबंधों के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसकी भूमिका सिर्फ संपर्क तक सीमित थी या वह पूरे ब्लैकमेलिंग रैकेट का हिस्सा था।
डिजिटल साक्ष्य और आगे की जांच
अधिकारियों के अनुसार मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स की गहन जांच की जा रही है। जैसे-जैसे सबूत सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। जांच टीम का कहना है कि अगर और लोगों की संलिप्तता साबित होती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।