हर मकान को मिलेगा यूनिक QR कोड
इंदौर शहर अब हर मकान को डिजिटल रूप देने जा रहा है। इसके तहत हर घर को एक यूनिक QR कोड जारी किया जाएगा, जिसे स्कैन करते ही उस मकान की पूरी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी। इसमें लोकेशन, दिशा, फोटो और प्रॉपर्टी डिटेल जैसी अहम जानकारियां शामिल होंगी।
टैक्स से लेकर शिकायत तक, एक स्कैन में
इस सिस्टम के जरिए नागरिक अपने मकान से जुड़े सभी टैक्स, बिजली-पानी के बिल, संपत्ति कर और अन्य नगर निगम सेवाएं केवल एक स्कैन से एक्सेस कर सकेंगे। इससे नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सेवाएं पारदर्शी तरीके से मिलेंगी।
आपातकाल में काम आएगा डिजिटल एड्रेस
इस QR कोड की सबसे बड़ी उपयोगिता आपातकाल में होगी। जैसे ही किसी हादसे या इमरजेंसी की स्थिति में QR कोड स्कैन किया जाएगा, पुलिस, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड को मकान की सटीक लोकेशन मिल जाएगी। इससे तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी। साथ ही, मकान मालिक की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
नक्शों और दस्तावेजों में आएगी पारदर्शिता
इस तकनीक से मकान, दुकान, प्लॉट जैसी सभी संपत्तियों को डिजिटल पहचान मिल जाएगी, जिससे गलत पते, फर्जी दस्तावेज़ या डुप्लिकेट प्रॉपर्टी की समस्या खत्म होगी। रजिस्ट्रियों और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ेगी और पूरे शहर का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा।
बिना किसी शुल्क के मिलेगी सुविधा
यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है। नागरिकों को इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। साथ ही यह सुविधा इंदौर नगर निगम को भी अतिरिक्त खर्च के बिना डिजिटल मैनेजमेंट में मदद करेगी। यह परियोजना 29 जून से वार्ड 82, जोन 14 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हो रही है, जिसे बाद में पूरे शहर में लागू किया जाएगा।