मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित गुलावट गांव की लोटस वैली आज एशिया में अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता के लिए खास पहचान बना चुकी है। कमल के सैकड़ों रंग-बिरंगे फूलों से सजी यह वैली देखने वालों को कश्मीर की वादियों की याद दिलाती है। शांत जल, घना बांस जंगल और नाव से दिखाई देने वाले मनमोहक दृश्य इस स्थान को ‘मिनी कश्मीर’ की उपाधि दिलाते हैं। देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचकर प्रकृति की गोद में डूब जाते हैं।
एशिया स्तर पर पहचान बना चुकी लोटस वैली
इंदौर के पास गुलावट गांव में फैली यह वैली करीब 300 एकड़ में फैली है और प्राकृतिक कमल के फूलों की अनोखी खेती के लिए जानी जाती है। यहां की सुंदरता सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि एशियाई पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास छाप छोड़ चुकी है। कमल के फूलों की विशाल संख्या और उनकी अनोखी रंगत इस जगह को प्राकृतिक चमत्कार जैसा बनाती है।
कश्मीर जैसी खूबसूरती, ‘मिनी कश्मीर’ बना पहचान
लोटस वैली का दृश्य किसी सपने जैसा लगता है। पानी की सतह पर फैले गुलाबी, लाल और सफेद कमल के फूल यहां की खूबसूरती को अद्वितीय बना देते हैं। जिस तरह कश्मीर की घाटियां ट्यूलिप से महक उठती हैं, उसी तरह यह वैली कमल के जहन से चमक उठती है। यही कारण है कि यहां आने वाले लोग इसे प्यार से ‘मिनी कश्मीर’ कहने लगे हैं।
पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिला सहारा
कमल की खेती ने न सिर्फ इस जगह की पहचान को मजबूत किया है, बल्कि यहां के स्थानीय लोगों की आय का भी बड़ा स्त्रोत बन चुकी है। हर साल हजारों फूल देशभर में भेजे जाते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला है। इस वैली की प्रसिद्धि ने आसपास के गांवों में पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि की है।
बांस का जंगल और नाव की सवारी बनाते हैं नजारे और खास
यहां मौजूद बांस का घना जंगल और शांत पानी पर तैरती नावें इस जगह की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती हैं। नाव की सवारी के दौरान चारों तरफ फैले कमल के फूलों का दृश्य किसी फिल्मी दृश्य जैसा अहसास कराता है। यही वजह है कि यह जगह फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और प्री-वेडिंग शूट्स के लिए भी बेहद लोकप्रिय हो चुकी है।