इंदौर, जो स्वच्छता और स्वाद के लिए देशभर में मशहूर है, अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अपनी खास पहचान बनाने जा रहा है। रविवार सुबह आयोजित ‘वन इंदौर-रन इंदौर’ मैराथन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर का सामूहिक उत्साह और फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता इसे स्वास्थ्य के मानचित्र पर भी अग्रणी बनाएगी। 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों की बड़ी भागीदारी शहर की ऊर्जा और स्वास्थ्य संकल्प का प्रतीक बनी।
इंदौर की ऊर्जा ने बढ़ाया शहर का गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर वर्षों से स्वच्छता में देश का नेतृत्व कर रहा है और अब इस मैराथन ने यह साबित कर दिया कि शहर स्वास्थ्य-conscious समाज बनाने के लिए भी तैयार है। बड़ी संख्या में शामिल हुए धावकों ने इंदौर की सामूहिक शक्ति और एकजुटता को नई दिशा दी।
फिटनेस को जनआंदोलन बनाने की पहल
सीएम ने बताया कि इस मैराथन का लक्ष्य शहर में फिटनेस को एक जनअभियान बनाना है। 3, 5 और 7 किलोमीटर की श्रेणियों में आयोजित दौड़ में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों सभी ने उत्साह से हिस्सा लिया। यह आयोजन समुदाय को स्वास्थ्य से जोड़ने का एक मजबूत प्रयास है।
10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन
कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जो इंदौरवासियों की जागरूकता और सकारात्मक सोच का प्रमाण है। सीएम ने कहा कि लोग सिर्फ दौड़ नहीं रहे, बल्कि स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में अपना योगदान दे रहे हैं।
स्वास्थ्य में नंबर 1 बनने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जिस तरह इंदौर स्वच्छता में पहले स्थान पर रहता है, उसी तरह स्वास्थ्य में भी देश का नेतृत्व करेगा। यह मैराथन उस दिशा में एक सशक्त कदम है, जिसका संदेश पूरे प्रदेश में पहुंचेगा।
खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा प्रोत्साहन
सीएम ने बताया कि राज्य सरकार खेल व स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। हाल ही में महिला वर्ल्ड कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए की राशि देकर सम्मानित किया गया, ताकि युवा खिलाड़ी प्रेरित हों और प्रदेश का नाम रोशन करें।