Indore Online Betting ---इंदौर में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चल रही जांच में पुलिस को एक के बाद एक अहम सुराग मिल रहे हैं। चर्चित नाना पटवारी मामले की पड़ताल के दौरान ऑनलाइन सट्टे के एक बड़े नेटवर्क का पता चला है, जिसके तार दुबई और दूसरे देशों में बैठे सटोरियों से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
मोबाइल की जांच से सामने आया ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क
नाना पटवारी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के दौरान पुलिस को दो ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़ी जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि गिरोह से जुड़े एजेंट और बुकी संभावित ग्राहकों तक पहुंचने के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते थे। ग्राहकों को वॉट्सऐप के जरिए सट्टा ऐप की लिंक भेजी जाती थी और इसके बाद उन्हें ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क से जोड़ा जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे सिस्टम में किसकी क्या भूमिका थी और कितने लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
तीन और आरोपी गिरफ्तार, संख्या 12 पहुंची
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस और क्राइम ब्रांच ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राहुल निनोतला, राजेंद्र नगर निवासी और सौर्य प्रीत शिंदे शामिल हैं। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या 12 हो गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सट्टेबाजी का नेटवर्क किस तरह संचालित होता था, इसके लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था और विदेश में बैठे लोगों से इनका संपर्क किस स्तर तक था।
दुबई से नेटवर्क चलाने का दावा
पुलिस जांच में इस ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के तार दुबई और अन्य देशों में मौजूद बड़े सटोरियों से जुड़े होने की बात सामने आई है। दावा है कि विदेश में बैठे लोग इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे और भारत में एजेंटों व बुकी के जरिए सट्टेबाजी का कारोबार चलाया जा रहा था। हालांकि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन, डिजिटल जानकारी और आरोपियों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी है।
पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी जांच
मामले में जांच का दायरा अब और बढ़ गया है, क्योंकि क्राइम ब्रांच की शुरुआती पड़ताल में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आने की बात कही जा रही है। जांच में कुछ पुलिसकर्मियों के सटोरियों से संपर्क और उनकी संपत्तियों में साझेदारी से जुड़ी जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। इसी के बाद मामले में आईटी एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। अब इंदौर पुलिस और क्राइम ब्रांच सट्टा नेटवर्क के साथ कथित खाकी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। आने वाले समय में डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।