इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में एक बुजुर्ग की संदिग्ध हालात में मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। परिजनों और स्थानीय लोगों ने दूषित पानी पीने से मौत का आरोप लगाते हुए सड़क पर अर्थी रखकर चक्काजाम कर दिया। परिवार का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते अंतिम संस्कार तक के पैसे नहीं हैं, जबकि प्रशासनिक मदद न मिलने से नाराजगी और बढ़ गई।
दूषित पानी से मौत का आरोप
परिजनों के अनुसार बुजुर्ग बद्री प्रसाद कुछ दिन पहले तक पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार का दावा है कि इलाके में सप्लाई हो रहे दूषित पानी के सेवन के बाद ही उनकी हालत खराब हुई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रहवासियों ने भी नलों से बदबूदार और गंदा पानी आने की शिकायतें सामने रखीं।
अर्थी रखकर सड़क पर प्रदर्शन
शनिवार सुबह गुस्साए परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने भागीरथपुरा पुल के पास मृतक की अर्थी सड़क पर रख दी और यातायात रोक दिया। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर जवाब नहीं देंगे और मदद का आश्वासन नहीं देंगे, तब तक रास्ता नहीं खोला जाएगा।
प्रशासन से नाराज परिवार
परिवार का आरोप है कि मौत के बाद कई घंटों तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि वे बेहद गरीब हैं और अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे जुटा पाना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से उन्होंने सार्वजनिक विरोध का रास्ता अपनाया। स्थानीय लोगों ने भी पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने की मांग की।
स्थानीय जनप्रतिनिधि के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के खिलाफ भी जमकर नारे लगाए गए। लोगों का कहना था कि पहले भी इलाके में पानी को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। रहवासियों ने पाइपलाइन बदलने और साफ पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही पुलिस बल और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी और जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल करने की कोशिश की गई। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पानी के सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।