मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोमवार शाम वीआइपी रोड पर एक नशेड़ी ट्रक चालक द्वारा चलाया गया बेलगाम ट्रक लगभग दो किलोमीटर तक कई वाहन और राहगीरों को रौंदता चला गया। इस भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की गई।
हादसे की पूरी जानकारी
पश्चिमी इंदौर के वीआइपी रोड पर सोमवार शाम को एक नशे में धुत ट्रक चालक ने नियमों की परवाह किए बिना नो एंट्री क्षेत्र में प्रवेश किया। बेलगाम ट्रक ने कालानी नगर चौराहे से लेकर रामचंद्र नगर चौराहे तक लगभग दो किलोमीटर तक अपनी रफ्तार कम नहीं की। चालक ने एरोड्रम रोड पर कई कारें, ऑटो और दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी। राहगीरों की चीख-पुकार के बीच ट्रक चालक ने रफ्तार बढ़ाते हुए ट्रक को रोका नहीं।
एक बाइक सवार व्यक्ति को ट्रक ने रगड़ते हुए करीब एक किमी तक घसीटा। हादसे के दौरान कई लोगों के हाथ-पैर कट गए और कुछ गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद रामचंद्र नगर चौराहे पर एक पुलिसकर्मी ने पत्थर चलाकर ट्रक चालक को रोकने का प्रयास किया, जिससे आरोपी ट्रक चालक अंततः ब्रेक लगाकर रुक सका। उस समय बाइक में आग भी लग गई थी।
सीएम मोहन यादव का संज्ञान और आदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रात 11 बजे से पहले घटना की जांच के आदेश गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को दिए। उन्होंने ट्रक के नो एंट्री क्षेत्र में प्रवेश करने के कारणों की जांच करने के साथ-साथ इस घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया।
हादसे में दो मौतें, प्रोफेसर की भी गई जान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौत हुई। इनमें से एक 50 वर्षीय लक्ष्मीकांत सोनी थे, जो एक निजी कॉलेज में प्रोफेसर थे। कुल 16 लोग ट्रक की चपेट में आए। बड़े गणपति चौराहे पर पत्थर फेंकने से चालक को रोकने में सफलता मिली। यदि पत्थर नहीं फेंका जाता तो अधिक संख्या में लोग घायल या मौत के शिकार हो सकते थे। आरोपी चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।