मध्यप्रदेश के शहरी विकास की तस्वीर बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन को इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल करने की बड़ी घोषणा की है। इसके साथ ही यह क्षेत्र दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया बनने की दिशा में अग्रसर है। उज्जैन में विकास कार्यों, अधोसंरचना, परिवहन और पर्यटन को नई गति मिलने वाली है।
उज्जैन को मिली 129 करोड़ की विकास सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में करीब 129 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तीन अहम पहलों की शुरुआत की गई, जिनमें प्रोजेक्ट स्वाध्याय (Coding for All), UtkarshUjjain.com वेब पोर्टल और कौशल सेतु इंडस्ट्री-लीड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है।
इंदौर-उज्जैन बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ा तथ्य सामने रखते हुए बताया कि उज्जैन अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा होगा। यह पूरा क्षेत्र करीब 14 हजार वर्ग किलोमीटर में विकसित किया जाएगा। इस मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में उज्जैन के साथ शाजापुर, शुजालपुर, देवास और रतलाम जैसे जिले भी शामिल होंगे। उनके अनुसार, यह दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया होगा।
सिंहस्थ 2028 को लेकर भव्य तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला होगा। करीब 30 किलोमीटर लंबे घाटों पर 24 घंटे के भीतर 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा नदी के शुद्ध जल में स्नान और आचमन कर सकेंगे। सिंहस्थ को ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उज्जैन में 2675 करोड़ रुपए की लागत से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है।
मेडिकल टूरिज्म, आईटी और इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा
उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आधुनिक मेडिसिटी, नया इंडस्ट्रियल पार्क, पुराने इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आईटी पार्क और साइंस सिटी का निर्माण प्रस्तावित है। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मेट्रो, वंदे भारत और एयरपोर्ट की सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो दौड़ेगी, लेकिन उससे पहले वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिलेगी। चिंतामण गणेश स्टेशन को मुख्य स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा और मोहनपुरा में नया रेलवे स्टेशन बनेगा। साथ ही उज्जैन के पास बड़े एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु सीधे महाकाल नगरी तक पहुंच सकेंगे।
गांव-गांव तक चौड़ी सड़कों का विस्तार
उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि जिले के गांव-गांव तक चौड़ी और मजबूत सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।