इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट में कथित अनियमितता और शहर में लगातार बढ़ते अपराधों को लेकर युवक कांग्रेस ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ता रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े और घेराव की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन की मदद से भीड़ को रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
मेट्रो प्रोजेक्ट में अनियमितता का आरोप
युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है। उनके अनुसार काम की गति धीमी है और लागत में लगातार बढ़ोतरी से भ्रष्टाचार की आशंका गहराती जा रही है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रशासन परियोजना की पारदर्शिता को लेकर गंभीर नहीं हैं।
अपराध बढ़ने पर सरकार को घेरा
प्रदर्शनकारियों ने शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उनका कहना है कि चोरी, लूट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखाई दे रहा। उन्होंने दावा किया कि पुलिस बल की संख्या और गश्त दोनों बढ़ाने की जरूरत है।
कलेक्ट्रेट पर भारी पुलिस बल की तैनाती
रैली के पहले से ही प्रशासन अलर्ट था और कलेक्ट्रेट परिसर को पुलिस ने घेर लिया था। कई थानों का बल पहले से तैनात कर दिया गया था, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके। अधिकारियों की मौजूदगी में बैरिकेडिंग लगाई गई जिससे रैली को कार्यालय के अंदर प्रवेश न मिल सके।
नारेबाजी और धरने से बढ़ा तनाव
जब प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया तो वे बैरिकेडिंग के सामने ही धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपनी मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। हालात कुछ देर तक तनावपूर्ण रहे लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा।
वॉटर कैनन से रोका आंदोलन
स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग किया, जिससे प्रदर्शनकारियों को पीछे हटना पड़ा। हालांकि कार्यकर्ताओं का कहना था कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और वे शहर के मुद्दों पर सिर्फ प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे।