देश में बीते 48 घंटे के भीतर आम लोगों पर महंगाई का बड़ा असर देखने को मिला है। सोना-चांदी से शुरू हुई कीमतों की तेजी अब दूध, पेट्रोल-डीजल और CNG तक पहुंच गई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने घर के बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई अहम चीजों के दाम एक साथ बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
सोना-चांदी की कीमतों में आया बड़ा उछाल
महंगाई की शुरुआत सोना और चांदी की कीमतों में तेजी से हुई। सरकार की ओर से सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद बाजार में अचानक कीमतें बढ़ गईं। इसका असर घरेलू बाजार से लेकर MCX तक देखने को मिला। सोना करीब 11 हजार रुपये तक महंगा हो गया, जबकि चांदी के दाम में लगभग 22 हजार रुपये तक का उछाल दर्ज किया गया। निवेशकों और खरीदारों दोनों पर इसका सीधा असर पड़ा है।
दूध के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ा
सोना-चांदी के बाद दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम परिवारों को बड़ा झटका दिया। पैकेज्ड दूध बेचने वाली बड़ी कंपनियों ने अपने दाम बढ़ा दिए हैं। अमूल और मदर डेयरी दोनों ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी लागू कर दी। नई कीमतें 14 मई से लागू हो चुकी हैं। दूध महंगा होने से चाय, कॉफी और घरेलू रसोई का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल पर फूटा महंगाई का बम
शुक्रवार 15 मई से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल पर करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल के दाम में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। डीजल की कीमतों में भी इजाफा होने से ट्रांसपोर्ट और सामान ढुलाई महंगी पड़ सकती है।
दिल्ली और मुंबई में CNG भी हुई महंगी
पेट्रोल-डीजल के बाद CNG उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं मिली। दिल्ली और मुंबई में CNG की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की गई है। नई दर लागू होने के बाद दिल्ली में CNG का दाम 79.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 84 रुपये प्रति किलो हो गई है। CNG महंगी होने से ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ सकता है।
आम आदमी के बजट पर बढ़ा दबाव
लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खाने-पीने से लेकर यात्रा और निवेश तक हर क्षेत्र में लोगों को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यदि कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर सीधे घरेलू बजट और बाजार की मांग पर दिखाई दे सकता है।