भारत में महंगाई को लेकर नई चिंता सामने आई है और इसकी वजह इस बार युद्ध नहीं, बल्कि मौसम बन रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती हीटवेव आने वाले समय में कीमतों को बढ़ा सकती है। उत्तर भारत के कई इलाकों में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच चुका है, जिससे बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है और ऊर्जा खर्च तेजी से बढ़ रहा है।
कमजोर मानसून बढ़ाएगा दबाव
रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रहता है, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। बारिश कम होने का सीधा असर खेती पर पड़ेगा, जिससे फसल उत्पादन घट सकता है। इससे खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आने का खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हीटवेव और अनियमित बारिश का यह दोहरा असर महंगाई को ऊपर धकेल सकता है।
महंगाई 5% के पार जाने का अनुमान
इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर औसतन 5 फीसदी के आसपास रह सकती है, जो कि केंद्रीय बैंक के अनुमान से ज्यादा है। अगर मानसून और कमजोर हुआ तो यह 5.8 फीसदी तक पहुंच सकती है। इससे साफ है कि आने वाले महीनों में आम लोगों पर खर्च का बोझ बढ़ सकता है।
खाद्य कीमतों की अहम भूमिका
भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी करीब 37 फीसदी है। यानी खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से महंगाई सीधे प्रभावित होती है। पिछले साल सब्जियों के दाम कम रहने से महंगाई नियंत्रण में रही, लेकिन इस बार मौसम की मार से तस्वीर बदल सकती है।
ये भी पढ़ें : Gujarat निकाय चुनाव 2026: BJP का दबदबा कायम, कांग्रेस ढही, आप को करारा झटका
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
देश की 60 फीसदी से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और खेती पर निर्भर है। अगर फसल खराब होती है, तो किसानों की आय घटेगी और ग्रामीण मांग भी कमजोर पड़ेगी। इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है और विकास दर पर दबाव बन सकता है।
तेल कीमतें भी बढ़ा रहीं चिंता
हालांकि युद्ध का असर सीधे महंगाई पर कम दिखा है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। इससे परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ रही है, जो आगे चलकर कीमतों में इजाफा कर सकती है।
नीतिगत चुनौती बढ़ी
इस स्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। महंगाई और विकास के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होगा। फिलहाल केंद्रीय बैंक स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्दबाजी में कोई बड़ा कदम उठाने से बच सकता है।