न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले एकदिवसीय मुकाबले में भारत की जीत के बावजूद टीम प्रबंधन का एक फैसला अब चर्चा में है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। मामला वडोदरा में खेले गए मुकाबले का है, जहां वाशिंगटन सुंदर चोटिल होने के बावजूद बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतारे गए। सुंदर को मैच के दौरान चोट लगी थी और वह कुछ ओवर गेंदबाजी करने के बाद मैदान से बाहर चले गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नंबर आठ पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया।
शुभमन गिल का उदाहरण देकर उठाया सवाल
मोहम्मद कैफ ने टीम प्रबंधन की सोच पर सवाल उठाते हुए पुराने एक मामले की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जब शुभमन गिल चोटिल हुए थे, तब उन्हें एक अहम टेस्ट मैच में बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा गया था। उस समय भी भारत जीत की स्थिति में था, लेकिन खिलाड़ी की सेहत को प्राथमिकता दी गई। कैफ का कहना है कि सुंदर के मामले में वही सावधानी क्यों नहीं बरती गई। उनके अनुसार, खिलाड़ी को पूरी तरह सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी होता है, भले ही टीम जीत की ओर बढ़ रही हो।
दबाव में भेजना बताया जोखिम भरा
कैफ ने कहा कि चोटिल खिलाड़ी को दबाव वाली स्थिति में बल्लेबाजी के लिए भेजना एक बड़ा जोखिम था। सुंदर पूरी तरह सहज नहीं दिख रहे थे और रन लेने में भी परेशानी हो रही थी। कैफ ने यह भी बताया कि इस वजह से केएल राहुल की रनिंग पर भी असर पड़ा। उनका मानना है कि जब मैच नियंत्रण में हो और जरूरी रन ज्यादा न हों, तब किसी फिट खिलाड़ी को पहले भेजा जाना चाहिए। चोटिल खिलाड़ी को केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही मैदान में उतारना चाहिए।
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अब बाहर हुए सुंदर, कैफ ने दोहराई अपनी बात
इस बीच खबर है कि वाशिंगटन सुंदर चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ बाकी दो एकदिवसीय मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह आयुष बदोनी को टीम में शामिल किया गया है। कैफ ने एक बार फिर कहा कि अगर सुंदर को उस दिन बल्लेबाजी के लिए न भेजा जाता, तो शायद उनकी चोट इतनी गंभीर न होती। उनके मुताबिक, छोटी सी चोट लंबे समय की परेशानी में बदल सकती है और इसी वजह से टीम प्रबंधन को ऐसे फैसलों में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।