UP News: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाना है। इसी क्रम में 22 फरवरी 2026 (रविवार) को प्रदेश के समस्त मतदान स्थलों पर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
विशेष अभियान का समय और संचालन
इस विशेष अभियान के दिन बूथ लेवल अधिकारी सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक अपने केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे। वे इस दौरान नागरिकों से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे और अन्य आवश्यक चुनावी कार्यवाही पूरी करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक अधिकारियों को इस अभियान का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अभियान का मूल लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
मतदाता सूची और नोटिस की स्थिति
इस प्रक्रिया के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे नाम जोड़ने या संशोधन के लिए इस विशेष दिवस का लाभ अवश्य उठाएं। 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित सूची के आधार पर कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को विभिन्न विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए जाने थे। इनमें से अब तक 3.23 करोड़ नोटिस निर्गत किए जा चुके हैं और लगभग 1.58 करोड़ नोटिस मतदाताओं को प्राप्त भी हो चुके हैं।
अधिकारियों की नियुक्ति और सुनवाई
अब तक प्राप्त नोटिसों में से करीब 90 लाख मामलों की सुनवाई संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरी की जा चुकी है। पूरी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रदेश भर में कुल 13,161 अधिकारियों की विशेष नियुक्ति की गई है। इस टीम में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हैं। अभियान की शुरुआत में केवल 2,042 एईआरओ कार्यरत थे, जिन्हें बाद में अधिसूचनाओं के जरिए बढ़ाया गया है।
दस्तावेज और अनिवार्य प्रक्रिया
अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति से दावों के निस्तारण और सुनवाई की प्रक्रिया में काफी गति आई है। वर्ष 2003 के बाद मैपिंग न होने के कारण 1.04 करोड़ मतदाताओं को अनिवार्य रूप से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान अपनी जन्मतिथि या जन्म स्थान से संबंधित वैध प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। वहीं, अन्य तार्किक विसंगतियों वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं को केवल अपने दावे से संबंधित सामान्य अभिलेख देने होंगे।
अभियान का अंतिम उद्देश्य
मतदाता स्वयं या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से निर्धारित दस्तावेज केंद्र पर जमा कर सकते हैं। इस व्यापक अभियान का अंतिम लक्ष्य आगामी चुनावों के लिए एक शुद्ध और विवादरहित मतदाता सूची तैयार करना है। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव के समय किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने न आए। प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।