राजधानी भोपाल खेलों के भविष्य को नई दिशा देने जा रहा है। यहां बन रहा है देश का पहला इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, जो खिलाड़ियों को वैज्ञानिक तकनीकों पर आधारित ट्रेनिंग देगा। लगभग 25 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा यह सेंटर खिलाड़ियों की कमजोरी के मुताबिक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार करेगा। यहां फिजियोलॉजी से लेकर बॉयोमेकेनिक्स, पोषण और मनोविज्ञान तक, हर पहलू पर विशेषज्ञ काम करेंगे। यह कदम खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाएगा।
खिलाड़ियों को मिलेगी वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग
इस सेंटर में अत्याधुनिक फिजियोलॉजी लैब होगी, जहां VO2 मैक्स टेस्टिंग और बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस जैसी जांचें की जाएंगी। बॉयोमेकेनिक्स लैब में मोशन कैप्चर, गेट एनालिसिस और फोर्स प्लेट टेस्टिंग के जरिए खिलाड़ियों की तकनीक को निखारा जाएगा।
मानसिक मजबूती और सही पोषण
खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी यहां फोकस किया जाएगा। मनोविज्ञान इकाई में तनाव और चिंता प्रबंधन पर काम होगा। साथ ही, खिलाड़ियों को ब्लड मार्कर टेस्टिंग के जरिए सही डाइट प्लान और पोषण संबंधी सलाह दी जाएगी।
चोट से उबरने की सुविधा
फिजियोथेरेपी, क्रायोथेरेपी और हाइड्रोथेरेपी जैसी हाई-टेक सुविधाएं खिलाड़ियों को चोट से जल्दी उबरने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करेंगी।
क्यों है जरूरी यह सेंटर?
अक्सर प्रतिभाशाली खिलाड़ी तकनीकी कमियों या चोटों के कारण पीछे रह जाते हैं। इस सेंटर की मदद से हर खिलाड़ी की प्रोफाइल बनाकर उसका अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। यह पहल खेलों को नई वैज्ञानिक पहचान देगी।