Intelligence Bureau New Chief: केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का नया निदेशक नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। महेश दीक्षित वर्तमान आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश के सामने आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं।
दो साल का मिला कार्यकाल
आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो वर्ष के लिए आईबी निदेशक नियुक्त किया गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, उन्हें विशेष प्रावधानों के तहत सेवा विस्तार भी दिया गया है ताकि वे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकें। इससे पहले वह इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे।
सुरक्षा मामलों का लंबा अनुभव
महेश दीक्षित को देश के अनुभवी खुफिया अधिकारियों में गिना जाता है। उनके सेवा जीवन का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर में बीता है, जहां उन्होंने श्रीनगर स्थित सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) का नेतृत्व किया। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया समन्वय बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
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आतंकवाद विरोधी अभियानों में अहम भूमिका
दीक्षित के पास आतंकवाद निरोधक अभियानों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पाकिस्तान समर्थित घुसपैठ नेटवर्क पर कार्रवाई, कट्टरपंथी गतिविधियों पर निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत करने से जुड़े कई संवेदनशील अभियानों का नेतृत्व किया है। इसके अलावा उन्होंने वामपंथी उग्रवाद से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
आंतरिक सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
महेश दीक्षित की नियुक्ति को देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बदलती सुरक्षा चुनौतियों, आतंकवाद, साइबर खतरों और संगठित अपराध से निपटने में उनका अनुभव आईबी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। सरकार को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में खुफिया एजेंसी की कार्यक्षमता और समन्वय को नई मजबूती मिलेगी।