बुलंदशहर। गांव हमीदपुर में इंटरमीडिएट के छात्र की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) के साथ-साथ 24-24 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्या था पूरा मामला
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) राजीव मलिक के अनुसार, वादी श्याम सिंह पुत्र लाल सिंह निवासी गांव हमीदपुर ने अक्टूबर 2022 में कोतवाली सिकंदराबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में बताया गया कि जुलाई 2022 में उनके परिवार की एक महिला के साथ गांव के ही सचिन, जितेंद्र उर्फ लाल सहित अन्य लोगों ने छेड़छाड़, गाली-गलौच और मारपीट की थी। इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज कराया गया था।
फैसले का बना रहे थे दबाव
पीड़ित पक्ष के अनुसार, इसी मुकदमे में समझौता कराने के लिए आरोपी लगातार दबाव बना रहे थे। आरोप है कि सतेंद्र, सचिन, अमित, आदित्य, जितेंद्र और वेदपाल ने वादी और उसके पुत्रों को धमकाया। 2 अक्टूबर 2022 को आरोपियों ने वादी के पुत्र अनुज के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी।
बहाने से बुलाकर की हत्या
22 अक्टूबर 2022 को आरोपियों ने साजिश के तहत अनुज उर्फ अशोक को फैसले के बहाने घर से बुलाया। उसे खेत में ट्यूबवेल पर ले जाकर हत्या कर दी और शव को ईख के खेत में छिपा दिया। मृतक अनुज एक कॉलेज में इंटरमीडिएट का छात्र था।
पुलिस कार्रवाई और ट्रायल
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
वाद के विचारण के दौरान आरोपी अमित पुत्र श्रीकृष्ण की मृत्यु हो गई, जिसके चलते उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
अदालत का फैसला
सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने सचिन, सतेंद्र, जितेंद्र उर्फ लाल, वेदपाल और आदित्य को दोषी करार दिया।
अदालत ने सभी पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 24 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।