International Epilepsy Day: अंतर्राष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जा रहा है। फेलिक्स हॉस्पिटल, नोएडा के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी डॉ. सुमित शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मिर्गी कोई संक्रामक या मानसिक रोग नहीं है, बल्कि यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। सही जानकारी, समय पर इलाज और समाज के सहयोग से मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति भी पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं।
भ्रांतियां और डर अभी भी बड़ी चुनौती
दुनिया भर में करोड़ों लोग मिर्गी (एपिलेप्सी) से प्रभावित हैं, लेकिन अंधविश्वास, डर और सामाजिक भेदभाव के कारण कई मरीज अपनी बीमारी छिपाते हैं। झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के बजाय चिकित्सकीय इलाज पर जोर देना जरूरी है। अंतर्राष्ट्रीय मिर्गी दिवस हर साल फरवरी के दूसरे सोमवार को मनाया जाता है, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े, भ्रांतियां दूर हों और पीड़ितों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
मिर्गी क्या है?
मिर्गी में मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि अचानक असामान्य हो जाती है, जिससे व्यक्ति को बार-बार दौरे (सीजर) पड़ सकते हैं। यह किसी भी उम्र में हो सकती है—बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक।
प्रमुख कारण
जन्म के समय मस्तिष्क को ऑक्सीजन की कमी
सिर में गंभीर चोट या दुर्घटना
दिमाग में संक्रमण (मेनिन्जाइटिस, एन्सेफलाइटिस)
ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक
बचपन में तेज बुखार से झटके
कई मामलों में कारण स्पष्ट नहीं होता
मिर्गी के प्रमुख लक्षण
अचानक बेहोश होकर गिर जाना
हाथ-पैरों में तेज झटके या अकड़न
कुछ सेकंड तक शून्य में ताकना
मुंह से झाग निकलना
जीभ कट जाना
पेशाब या शौच पर नियंत्रण खोना
दौरे के बाद अत्यधिक थकान या भ्रम
इलाज संभव है
डॉ. सुमित शर्मा के अनुसार, लगभग 70% मरीजों में नियमित दवाओं से दौरे पूरी तरह नियंत्रित हो जाते हैं।
इलाज के मुख्य तरीके:न्यूरोलॉजिस्ट से समय पर परामर्श
दवाएं नियमित रूप से और डॉक्टर की सलाह से लेना
बिना सलाह दवा कभी बंद न करना
गंभीर मामलों में सर्जरी या विशेष थेरेपी
दौरे आने पर क्या करें
मरीज को सुरक्षित जगह पर लिटाएं
सिर के नीचे नरम चीज (जैसे तकिया) रखें
तंग कपड़े ढीले कर दें
दौरे का समय नोट करें
दौरे के दौरान क्या न करें
मुंह में कुछ भी न डालें
झटकों को रोकने की कोशिश न करें
घबराएं नहीं
बचाव के उपाय
सिर की चोट से बचाव (हेलमेट का प्रयोग)
बुखार और संक्रमण का तुरंत इलाज
पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें
शराब और नशे से पूरी दूरी
गर्भावस्था में नियमित स्वास्थ्य जांच
पीड़ित लोगों का करें सहयोग
डॉ. शर्मा ने अपील की कि स्कूल, कार्यस्थल और परिवार में मिर्गी से पीड़ित लोगों को सामान्य व्यक्ति की तरह देखें और उनका सहयोग करें। जागरूकता ही डर, भेदभाव और अंधविश्वास का सबसे प्रभावी इलाज है।