उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की शुरुआत एक भव्य आध्यात्मिक माहौल के बीच हुई, जहां प्रदेशभर में तीन लाख से अधिक गीता प्रेमियों ने एक साथ श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ समारोह का नेतृत्व करते हुए घोषणा की कि प्रदेश के हर नगर निकाय में गीता भवन स्थापित किए जाएंगे। तीन दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में रोज धार्मिक- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
उज्जैन से पूरे प्रदेश में गूंजा गीता पाठ
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ उज्जैन के दशहरा मैदान से हुआ, जहां धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि का अनोखा संगम देखने को मिला। प्रदेश के 10 संभागों, 55 जिला मुख्यालयों और 313 विकास खंडों में एक ही समय पर गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ आयोजित किया गया। इस आयोजन में तीन लाख गीता प्रेमियों की सहभागिता ने एक ऐतिहासिक माहौल निर्मित किया।
मुख्यमंत्री बोले— गीता हर काल में मार्गदर्शक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गीता मानव जीवन के हर चरण में प्रकाशपुंज का काम करती है और समाज को सही दिशा प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि हर नगर निगम, नगर पालिका और निकाय में गीता भवन स्थापित किया जाए, जिससे पीढ़ियों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा मिलती रहे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भोपाल और इंदौर में भी गीता जयंती विशेष रूप से मनाई जाएगी।
तीन दिनों तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला
महोत्सव के तीन दिनों में प्रतिदिन शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया जाएगा।
1 दिसंबर: प्रसिद्ध कलाकार पुनीत इस्सर के निर्देशन में ‘जय श्री कृष्ण–गीता सार’ नृत्य-नाट्य प्रस्तुत होगा।
2 दिसंबर: वैष्णवी शर्मा की विराट जयी काव्य प्रस्तुति और मोहित शेवानी के निर्देशन में 'कृष्णायण' नाट्य का मंचन होगा।
3 दिसंबर: श्वेता देवेंद्र (भरतनाट्यम), क्षमा मालवीय (कथक) और कविता शाजी (मोहिनीअट्टम) की शास्त्रीय प्रस्तुतियों के बाद ‘गीता ऑन व्हील्स’ का मंचन किया जाएगा।
चित्र प्रदर्शनी ने बढ़ाया आकर्षण
महोत्सव में माधव दर्शनम शीर्षक से लघु चित्र शैलियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें श्रीकृष्ण और गीता अध्यायों से जुड़े विविध चित्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है।