NEET 2026: मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी NEET रद्द होने के बाद जांच एजेंसियां इसके लीक होने के पीछे की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। एजेंसियों को शक है कि यह एक पूरे देश में फैला संगठन का कारनामा है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को शुरुआती पड़ताल में जो पता चला है उससे पूरा सिस्टम हिल चुका है। दावा है कि कथित पेपर पहले नासिक से निकला, फिर हरियाणा पहुंचा। वहां से जयपुर, फिर जमावरामगढ़ और बाद में सीकर तक पहुंचा। इसके बाद यह जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल और उत्तराखंड तक फैलाया गया। अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई और राजस्थान ATS-SOG के हाथों में है।
एग्जाम में आए कई गेस पेपर से मिलते जुलते सवाल
जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक का सबसे बड़ा सर्कुलेशन सीकर से हुआ है। कोटा के बाद पिछले कुछ सालों में सीकर तेजी से देश के बड़े कोचिंग हब के रूप में उभरा है। सूत्रों की मानें तो यहां कई छात्रों को गेस पेपर यह कहकर पढ़ाया गया कि ऐसा ही पेपर आएगा। चौंकाने वाली बात तो यह सामने आई है कि बायोलॉजी के सभी 90 और केमस्ट्री के सभी 45 सवाल एग्जाम से पहले चुनिंदा लोगों तक पहुंचने के संकेत मिले हैं।
149 सवाल सीधे तौर पर मैच हुए
जांच एजेंसियों की माने तो कथित प्रश्न बैंक में मौजूद कई सवाल असली परीक्षा में हूबहू पाए गए। सूत्रों का दावा है कि 149 सवाल सीधे तौर पर मैच हुए। यही वजह है कि इस मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
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दिल्ली से आया फोन, बोला- पेपर आ गया
इस पूरे मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। दावा है कि एग्जाम से पहले कुछ छात्रों को फोन किया गया और कहा गया कि पेपर आ गया है। कहा जा रहा है कि यह फोन दिल्ली से आया था और इसके बाद सीकर में ये कथित पेपर तेजी से सर्कुलेट हुआ। बताया जा रहा है कि शुरुआत में यह लाखों में बेचा गया लेकिन बाद में परीक्षा नजदीक आते-आते कई छात्रों ने इसे खुद ही 5 से 30 हजार तक में आगे बेचना शुरू कर दिया।
पेपर आखिर आया कहा से?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल ये है कि ये पेपर आखिर आया कहा से? जांच एजेंसियों को शक है कि लीक सीधे प्रिंटिंग प्रेस या मूल पेपर सोर्स से हुआ हो सकता है। यही वजह है कि इस पूरे मामले की जांच अब सीबीआई के हाथों में है।
लाखों छात्रों का टूटा सपना
हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना देखते हुए नीट परीक्षा देते हैं। नीट परीक्षा को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इस साल 22 लाख छात्रों ने यह परीक्षा दी। अब परीक्षा रद्द होने से छात्रों में भारी नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि उनकी कड़ी मेहनत बर्बाद हो गई। इस मामले से अब सिस्टम पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।