Investigation Suvendu Adhikaris PA: पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच कर रही बंगाल एसआईटी लगातार कई राज्यों में सुराग तलाश रही है। पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश एक संगठित गिरोह ने रची थी और इसमें पेशेवर शूटर शामिल हो सकते हैं। इसी कड़ी में एसआईटी की टीम ने उत्तर प्रदेश पहुंचकर कई संदिग्धों से पूछताछ की है।
हत्या में इस्तेमाल वाहन से जुड़े यूपी के तार
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को उस कार से अहम जानकारी मिली है, जिसने वारदात के दौरान चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका था। जांच में सामने आया कि इस वाहन की नंबर प्लेट और बिक्री से जुड़े कुछ लिंक उत्तर प्रदेश से जुड़े हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कार को बेचने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया गया था, जिसके बाद यूपी के कुछ लोगों ने उससे संपर्क किया था। एसआईटी अब इन संदिग्ध लोगों के कॉल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की गहन जांच कर रही है।
सुपारी किलर एंगल पर भी जांच
पुलिस को आशंका है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या किसी पेशेवर सुपारी किलर गैंग ने की है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरोह के सदस्य पश्चिम बंगाल के अलावा आसपास के राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी शक के आधार पर यूपी में सक्रिय अपराधियों और सुपारी किलरों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। हालांकि अभी तक पुलिस को कोई ऐसा पुख्ता सबूत नहीं मिला है, जिससे आरोपियों की सीधी पहचान हो सके।
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सात सदस्यीय एसआईटी कर रही जांच
इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। पुलिस के मुताबिक हत्या को अंजाम देने में करीब आठ लोगों की भूमिका हो सकती है, जिनमें दो शार्प शूटर भी शामिल बताए जा रहे हैं। बाकी लोगों पर आरोप है कि उन्होंने हमलावरों को ठिकाना देने और घटना के बाद फरार होने में मदद की। जांच टीम लगातार घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
गोलीबारी में मौके पर हुई थी मौत
गौरतलब है कि 6 मई को उत्तर 24 परगना इलाके में अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया था। ड्राइवर का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है और पुलिस पर जल्द आरोपियों को पकड़ने का दबाव बढ़ गया है।
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