आईपीएल 2026 की नीलामी में खरीदे गए इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज ने अचानक लीग से हटने का फैसला लेकर दिल्ली कैपिटल्स को बड़ा झटका दे दिया है। टीम ने उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ शामिल किया था, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले उनके इस फैसले ने फ्रेंचाइजी की रणनीति को कमजोर कर दिया है।
बैन का खतरा क्यों मंडरा रहा है
बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक, अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद बिना ठोस वजह के टूर्नामेंट से हटता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होती है। इसी नियम के तहत अब इस खिलाड़ी पर 3 साल तक आईपीएल में खेलने पर रोक लग सकती है, जिससे वह सीधे 2029 में ही वापसी कर पाएगा।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह मामला नया नहीं है। इससे पहले इंग्लैंड के ही एक खिलाड़ी ने इसी तरह आखिरी समय पर लीग छोड़ी थी, जिसके बाद उसे भी बैन झेलना पड़ा था। इस सख्ती का मकसद यही है कि फ्रेंचाइजी को आखिरी वक्त पर नुकसान न उठाना पड़े।
खुद खिलाड़ी ने बताया मुश्किल फैसला
खिलाड़ी ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट पर ध्यान देना उनके करियर के लिए जरूरी है। उन्होंने फ्रेंचाइजी और फैंस से माफी भी मांगी और उम्मीद जताई कि भविष्य में फिर मौका मिलेगा।
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दिल्ली के सामने बढ़ी चुनौती
इस फैसले के बाद दिल्ली कैपिटल्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब नए ओपनर की तलाश है। टूर्नामेंट नजदीक है और ऐसे में सही विकल्प ढूंढना टीम के लिए आसान नहीं होगा।