IPL 2026 के ऑक्शन में जब आकिब डार का नाम पुकारा गया तो माहौल अचानक गर्म हो गया। शुरुआती उम्मीदों से कहीं आगे जाकर इस तेज गेंदबाज पर करोड़ों की बोली लगने लगी। दिल्ली कैपिटल्स ने आखिरकार 8.40 करोड़ रुपये खर्च कर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। खास बात यह रही कि इस रेस में सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु भी आखिरी तक डटी रहीं। इससे साफ हो गया कि आकिब डार सिर्फ एक उभरता नाम नहीं बल्कि फ्रेंचाइजियों की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
कश्मीर से निकला तेज गेंदबाजी का जवाब
29 साल के आकिब डार जम्मू-कश्मीर से आते हैं और बीते एक साल में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 7 मैचों में 15 विकेट लेकर बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनकी सबसे बड़ी ताकत गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना है। टी20 फॉर्मेट में जहां रन रोकना सबसे बड़ी चुनौती होती है वहां उनका इकॉनमी रेट 8 से नीचे रहा। यही वजह है कि वह पहले KKR और SRH के साथ नेट गेंदबाज के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
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रणजी ट्रॉफी में साबित किया दम
टी20 के साथ-साथ आकिब डार ने रेड बॉल क्रिकेट में भी अपनी काबिलियत दिखाई है। रणजी ट्रॉफी 2025–26 के शुरुआती चरण में वह पांच विकेट हॉल लेने वाले इकलौते तेज गेंदबाज रहे। मौजूदा रणजी सीजन में उन्होंने 9 पारियों में 29 विकेट चटकाए हैं। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत जम्मू-कश्मीर की टीम नॉकआउट स्टेज तक पहुंच पाई। इससे पहले भी वह पिछले रणजी सीजन में 44 विकेट लेकर सबसे प्रभावी गेंदबाजों में शामिल रहे थे।
हर फॉर्मेट में भरोसे का नाम
आकिब डार की खास बात यह है कि वह सिर्फ एक फॉर्मेट के गेंदबाज नहीं हैं। टी20 क्रिकेट में उन्होंने 34 मैचों में 43 विकेट झटके हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में 29 मैचों में 42 विकेट लेने के साथ 351 रन भी बनाए हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 36 मैचों में 125 विकेट और 870 रन दर्ज हैं। यही निरंतरता और बहुआयामी प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स को उनकी ओर खींच लाया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि घरेलू क्रिकेट में असर दिखाने वाला यह गेंदबाज IPL के बड़े मंच पर भी उसी धार के साथ उतर पाता है या नहीं।