आईपीएल के 18 साल लंबे इतिहास में कई बड़े रिकॉर्ड और हैरान करने वाले मुकाबले देखने को मिले हैं। लेकिन 11 मई को धर्मशाला में खेले गए पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के मुकाबले में ऐसा रिकॉर्ड बना जो बहुत कम देखने को मिला है। इस मैच में एक भी स्पिनर ने गेंदबाजी नहीं की। पूरे मुकाबले में दोनों टीमों की तरफ से सिर्फ तेज गेंदबाजों का इस्तेमाल हुआ। आईपीएल इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब किसी मैच में स्पिन गेंदबाजी देखने को नहीं मिली।
39 ओवर सिर्फ तेज गेंदबाजों ने डाले
पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के इस मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलाकर कुल 10 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। इन सभी गेंदबाजों ने मिलकर 39 ओवर फेंके लेकिन इनमें एक भी स्पिनर शामिल नहीं था। क्रिकेट फैंस के लिए यह काफी चौंकाने वाला नजारा था क्योंकि टी20 क्रिकेट में आमतौर पर स्पिन गेंदबाज अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन धर्मशाला की परिस्थितियों को देखते हुए दोनों टीमों ने सिर्फ तेज गेंदबाजों पर भरोसा जताया।
18 साल बाद दोहराया गया रिकॉर्ड
आईपीएल इतिहास में इससे पहले ऐसा केवल एक बार हुआ था। 28 अप्रैल 2008 को चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मुकाबले में भी एक भी स्पिनर ने गेंदबाजी नहीं की थी। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस मैच में भी दोनों टीमों ने केवल तेज गेंदबाजों का इस्तेमाल किया था। अब लगभग 18 साल बाद पंजाब और दिल्ली के मुकाबले में वही रिकॉर्ड फिर देखने को मिला है।
क्या रही बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉर्ड के पीछे सबसे बड़ी वजह पिच और मौसम की परिस्थितियां रहीं। धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है। वहां उछाल और स्विंग मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। इसी कारण दोनों टीमों ने अपने तेज गेंदबाजों पर भरोसा किया। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने भी मैच के बाद कहा कि परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के पक्ष में थीं इसलिए स्पिनरों का इस्तेमाल नहीं किया गया।
फैंस के लिए बना चर्चा का विषय
आईपीएल में स्पिन गेंदबाजी हमेशा से रोमांच का अहम हिस्सा रही है। ऐसे में पूरा मैच बिना स्पिन गेंदबाजी के खत्म होना फैंस के लिए काफी अलग अनुभव रहा। सोशल मीडिया पर भी यह रिकॉर्ड तेजी से चर्चा में आ गया। क्रिकेट प्रेमियों ने इसे आईपीएल इतिहास का सबसे अनोखा आंकड़ा बताया क्योंकि इतने बड़े टूर्नामेंट में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।
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आगे भी टूट सकते हैं रिकॉर्ड
आईपीएल लगातार बदलती रणनीतियों और नई परिस्थितियों का खेल बन चुका है। अब टीमें पिच और हालात के हिसाब से पूरी रणनीति बदलने लगी हैं। पंजाब और दिल्ली के मुकाबले ने यह दिखा दिया कि अगर परिस्थितियां साथ दें तो टीमें पूरी तरह तेज गेंदबाजों के सहारे भी उतर सकती हैं। आने वाले सीजन में ऐसे और भी अनोखे रिकॉर्ड देखने को मिल सकते हैं जो आईपीएल इतिहास को और दिलचस्प बना देंगे।