आईपीएल का 19वां सीजन अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है और अब सबकी नजर फाइनल पर टिकी है। लेकिन टूर्नामेंट खत्म होने से पहले ही अगले सीजन को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। खबर है कि बीसीसीआई आने वाले वर्षों में आईपीएल की पारंपरिक विंडो बदलने पर विचार कर रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
मई की गर्मी बनी बड़ी चिंता
इस बार उत्तर और पश्चिम भारत के कई शहरों में भीषण गर्मी देखने को मिली। मई के दौरान कई मुकाबले बेहद गर्म मौसम में खेले गए। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस और दर्शकों की स्टेडियम मौजूदगी पर असर की चर्चा भी तेज हुई। माना जा रहा है कि बढ़ते तापमान ने बोर्ड को नए विकल्पों पर सोचने के लिए मजबूर किया है।
सितंबर-अक्टूबर पर नजर
आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने संकेत दिए हैं कि सितंबर-अक्टूबर विंडो पर चर्चा चल रही है। यह समय त्योहारों के करीब होता है और विज्ञापन बाजार के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है। इसके अलावा मौसम भी कई हिस्सों में ज्यादा अनुकूल रह सकता है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
दो हिस्सों में हो सकता है टूर्नामेंट
सिर्फ विंडो बदलने की नहीं बल्कि आईपीएल को दो हिस्सों में कराने का विकल्प भी सामने आया है। चर्चा है कि टूर्नामेंट का एक हिस्सा फरवरी से अप्रैल के बीच और दूसरा सितंबर-अक्टूबर में कराया जा सकता है। इससे मौसम का दबाव कम हो सकता है और खिलाड़ियों को भी राहत मिल सकती है।
विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता चुनौती
हालांकि यह बदलाव आसान नहीं होगा। आईपीएल के लिए दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। अगर विंडो बदलती है तो दूसरे क्रिकेट बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल को भी ध्यान में रखना पड़ेगा। इसलिए बीसीसीआई को वैश्विक स्तर पर तालमेल बैठाना पड़ सकता है।
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क्या बदल जाएगी आईपीएल की पहचान?
सालों से मार्च से मई तक चलने वाला आईपीएल अब भारतीय क्रिकेट कैलेंडर का तय हिस्सा बन चुका है। ऐसे में अगर बदलाव होता है तो यह सिर्फ तारीखों का नहीं बल्कि पूरी रणनीति का बड़ा फैसला माना जाएगा। अब देखना होगा कि आने वाले समय में बोर्ड किस दिशा में कदम बढ़ाता है।