हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। चंडीगढ़ स्थित घर से बरामद 8 पन्नों के सुसाइड नोट में उन्होंने 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और एक पूर्व डीजीपी पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरन कुमार ने नोट में अपने करियर से जुड़ी तकलीफों, भ्रष्टाचार और अपमान के किस्सों का विस्तार से जिक्र किया है। पुलिस को मौके से उनकी वसीयत भी मिली है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
सुसाइड नोट में 10 बड़े अफसरों और पूर्व DGP के नाम
पूरन कुमार के आत्महत्या मामले ने पूरे हरियाणा पुलिस महकमे को हिला दिया है। सामने आए सुसाइड नोट में उन्होंने डीजीपी शत्रुजीत कपूर, पूर्व डीजीपी मनोज यादव, एडीजीपी संदीप खिरवार, कला रामचंद्रन, अमिताभ ढिल्लों और संजय कुमार जैसे अफसरों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इसके अलावा, आईपीएस पंकज नैन, पीके अग्रवाल, शिबास कविराज और पूर्व मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद का नाम भी नोट में दर्ज है। पूरन ने लिखा कि इन अधिकारियों की वजह से वे “लगातार तनाव और अन्याय का सामना कर रहे थे।”
‘मानसिक प्रताड़ना’ बनी आत्महत्या की बड़ी वजह
पूरन कुमार का सुसाइड नोट न केवल नाम उजागर करता है बल्कि यह भी बताता है कि उनके साथ किस तरह का बर्ताव किया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि ट्रांसफर, अनुशासनात्मक नोटिस और झूठे आरोपों से उनकी प्रतिष्ठा और करियर दोनों पर चोट पहुंचाई गई। अधिकारियों की ‘सोच-समझकर की गई मानसिक प्रताड़ना’ ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
IAS पत्नी अमनीत कुमार लौटीं जापान से
पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार हरियाणा सरकार में आईएएस अधिकारी हैं और विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव हैं। घटना के समय वह मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में जापान दौरे पर थीं और बुधवार को लौटते ही उन्होंने जांच में सहयोग शुरू कर दिया।
सेक्टर-11 में गोली से हुई मौत, बेसमेंट से बरामद सुसाइड नोट और वसीयत
52 वर्षीय पूरन कुमार का शव चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित उनके घर के बेसमेंट में मिला। उनके पास से एक पिस्तौल, 8 पन्नों का सुसाइड नोट और वसीयत बरामद हुई। पुलिस ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। अधिकारी 2001 बैच के आईपीएस थे और हाल ही में उन्हें सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTC) में आईजी के रूप में तैनात किया गया था।
रिश्वतखोरी का एंगल भी आया सामने
इसी बीच रोहतक में एक शराब ठेकेदार ने आरोप लगाया कि एक हेड कांस्टेबल ने पूरन कुमार के नाम पर 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपी कांस्टेबल सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस यह जांच रही है कि क्या इस रिश्वत प्रकरण से भी पूरन कुमार पर किसी तरह का दबाव बना था।
जांच तेज, कई अफसरों पर गिर सकती है गाज
डीजीपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है, जो पूरन कुमार के सुसाइड नोट और वसीयत की फॉरेंसिक जांच कर रही है। शुरुआती जांच से साफ है कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत अवसाद का नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर की गहराई तक पहुंची गुटबाजी और भ्रष्टाचार की कहानी भी है।