बिहार अग्निशमन सेवा के आईजी और 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी एम. सुनील नायक को आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2021 के एक चर्चित मामले से जुड़ी है, जिसमें पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू ने हिरासत में प्रताड़ना का आरोप लगाया था। कोर्ट से बेल रद्द होने के बाद आंध्र पुलिस की टीम ने छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया।
पटना आवास पर छापेमारी, कई घंटे पूछताछ
सोमवार सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम पटना के शास्त्री नगर स्थित सरकारी आवास पर पहुंची। कई घंटों तक पूछताछ की गई। स्थानीय पुलिस अधिकारी और भारी सुरक्षा बल भी मौके पर मौजूद रहे। गिरफ्तारी के दौरान विभागीय कर्मियों ने विरोध भी जताया। फिलहाल उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या है 2021 का विवादित मामला?
पूरा मामला आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के नरसापुरम क्षेत्र से जुड़ा है। साल 2021 में K. Raghurama Krishna Raju की गिरफ्तारी के दौरान कथित मारपीट और हिरासत में प्रताड़ना का आरोप लगा था। उस समय एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश सीआईडी में तैनात थे। आरोप है कि उनकी निगरानी में कार्रवाई हुई और पूर्व सांसद के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और अदालत के आदेश पर केस दर्ज किया गया। पुलिस ने कई बार बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया, लेकिन कथित रूप से वे पेश नहीं हुए। बेल रद्द होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। अब आंध्र प्रदेश ले जाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
2005 बैच के आईपीएस, बिहार में अहम जिम्मेदारी
एम. सुनील नायक बिहार कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वर्ष 2019 में वे प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश गए थे और तीन साल तक वहां सेवाएं दीं। 2024 में सरकार बदलने के बाद वे वापस बिहार लौटे और वर्तमान में फायर सेवा के आईजी पद पर कार्यरत थे। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हैं।