अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। एक पाकिस्तानी नागरिक ने दावा किया है कि उसे ईरानी खुफिया एजेंट ने अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने के लिए कहा था। आरोपी ने अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि परिवार को दी गई धमकियों के कारण वह इस योजना में शामिल होने के लिए मजबूर हो गया था। मामले ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।
साजिश का सनसनीखेज खुलासा
अमेरिका में चल रहे मामले में पाकिस्तानी नागरिक Asif Merchant ने अदालत में बड़ा दावा किया है। उसने कहा कि उसे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump, पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत Nikki Haley की हत्या की साजिश रचने का निर्देश दिया गया था। ब्रुकलिन की संघीय अदालत में सुनवाई के दौरान उसने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसने यह साजिश जानबूझकर अंजाम नहीं दी।
2024 में हुई गिरफ्तारी, कॉन्ट्रैक्ट किलर समझे थे एजेंट
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप है कि उसने दो लोगों को हत्या के लिए लगभग 5 हजार डॉलर यानी करीब 4.6 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था।
आरोपी को लगा कि जिन लोगों से वह संपर्क कर रहा है वे पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर हैं, जबकि वे अमेरिकी जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation के अंडरकवर एजेंट थे। इसी बातचीत के आधार पर एजेंसियों ने उसे हिरासत में ले लिया।
ईरानी हैंडलर का नाम और मिशन का दावा
अदालत में दिए बयान में आसिफ मर्चेंट ने कहा कि अप्रैल 2024 में उससे एक ईरानी व्यक्ति ने संपर्क किया था। उसने उस व्यक्ति का नाम मेहरदाद यूसुफ बताया और दावा किया कि वह Islamic Revolutionary Guard Corps से जुड़ा हुआ है।
आरोपी के मुताबिक उसे अमेरिका जाने के लिए कहा गया और यह भी बताया गया कि वहां उसे किसी बड़े राजनीतिक व्यक्ति की हत्या करनी पड़ सकती है। बाद में कथित तौर पर उसे बताया गया कि संभावित निशाने ट्रंप, बाइडेन या निक्की हेली हो सकते हैं।
परिवार को धमकी देकर बनाया दबाव
आसिफ मर्चेंट ने अदालत को बताया कि उसका परिवार पाकिस्तान और ईरान में रहता है। उसकी एक पत्नी और तीन बच्चे पाकिस्तान में हैं, जबकि दूसरी पत्नी और बेटी ईरान में रहते हैं।
उसने आरोप लगाया कि ईरानी हैंडलर ने उसकी ईरान में रह रही पत्नी और बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। इसी वजह से वह इस योजना में शामिल होने के लिए मजबूर हो गया और उसने जांच एजेंटों से संपर्क किया।
कम पैसे की पेशकश कर जानबूझकर बिगाड़ा प्लान
आरोपी का कहना है कि उसे पहले से अंदेशा था कि यह साजिश सफल नहीं होगी और संभव है कि वह पकड़ा जाए। इसलिए उसने हत्या के लिए केवल 4.6 लाख रुपये की पेशकश की थी, क्योंकि उसे लगा कि इतनी कम रकम में कोई भी पेशेवर किलर यह काम नहीं करेगा।
जांच के दौरान एक मोटेल का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह एक रिपब्लिकन नेता की हत्या की योजना पर चर्चा करता दिखाई देता है। अधिकारियों का मानना है कि इस बातचीत में इशारा ट्रंप की ओर था।