संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र में भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने गुरुवार को कहा कि ईरान और अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट डालना गैर-कानूनी है। यह कानून के राज और नियम-आधारित व्यवस्था का उल्लंघन है। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान पूर्व राजदूत सूरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हाल के हालात का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 28 फरवरी से पहले वाली स्थिति में वापस लाने की मांग की।
अमेरिका का नाकाबंदी करना गैर-कानूनी है
उनके मुताबिक, हम इन डेवलपमेंट्स को लेकर बहुत परेशान हैं। हम देख रहे हैं कि इनका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। हमारे नजरिए से, बहुत व्यक्तिगत स्तर पर कहूं तो, आप कानून के राज, नियमों पर आधारित व्यवस्था में कई बार टूट-फूट देख रहे हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल का हमला गैर-कानूनी था। बदले की कार्रवाई के तौर पर ईरान का अपने पड़ोसियों पर हमला गैर-कानूनी था। ईरान का होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग ट्रांजिट पर रोक और अमेरिका का नाकाबंदी करना गैर-कानूनी है। पड़ोस के एक बड़े देश के तौर पर, इस तरह की अराजकता या जिस पर दबदबा हो, उसकी नीति को लेकर बहुत परेशान होना चाहिए, जिसे इस इलाके के अलग-अलग देश अपना रहे हैं।
47 सालों से पाबंदियां लगी हैं
पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात को लेकर पूर्व राजदूत ने कहा, अगर आप सिर्फ सैन्य नजरिए से देखें तो जाहिर है, अमेरिका किसी भी तरह से एक सुपरपावर है। अगर अमेरिका ग्लोबल सुपरपावर है तो इजरायल क्षेत्रीय सुपरपावर है और जब वे दोनों मिलकर ईरान जैसे देश पर हमला करते हैं, जिस पर 47 सालों से पाबंदियां लगी हैं, तो यह अंदाजा लगाने के लिए किसी जीनियस की जरूरत नहीं है कि सैन्य नतीजा निश्चित रूप से अमेरिका और इजरायल के पक्ष में होगा। लेकिन, जो लड़ाई लड़ी गई है, उससे भी बड़ी लड़ाई है और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बनाकर, बहुत सारी टैक्टिकल जीत हासिल की हैं।