पाकिस्तान ने यूएस-ईरान बातचीत से पहले अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और मिडिल ईस्ट की तरफ लड़ाकू विमान उड़ा दिए हैं। यह कदम ईरान और अमेरिका के बीच संभावित खतरे को देखते हुए उठाया गया है।
इजरायल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी
पाकिस्तान की यह तैयारी इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है और पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को "शैतान" और "मानवता के लिए अभिशाप" तक कह दिया था, जिसके बाद इजरायल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
मध्यस्थता करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा
पाकिस्तान की इस कार्रवाई को ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को ठुकरा दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है।
अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ेगा
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ेगा। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मदद की जरूरत है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध होता है, तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी और पाकिस्तान का आयात बिल बढ़ जाएगा, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था और भी खराब हो जाएगी।
ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं
पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश की है, लेकिन ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को ठुकरा दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है।