ईरान ने ऐसा दावा कर दिया है जिसने वॉशिंगटन से लेकर यूरोप तक हलचल मचा दी है. ईरान की सरकारी एजेंसी तस्नीम ने कहा है कि देश ने एक नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल तैयार कर ली है, जो 10,000 किलोमीटर तक वार कर सकती है. ये रेंज इतनी खतरनाक है कि अगर दावा सच निकला, तो ईरान पहली बार अमेरिका के पूर्वी तट वॉशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क तक निशाना साध सकता है. वीडियो में मिसाइल लॉन्चर, साइलो और पुरानी टेस्टिंग फुटेज दिखाई गई, लेकिन किसी भी तरह का सैटेलाइट प्रूफ या टेस्ट फ्लाइट डेटा नहीं दिया गया. बावजूद इसके, दुनिया में डर का माहौल स्पष्ट दिख रहा है.
पहले 2,000 KM पर रुका था ईरान
ईरान पहले खुद को सिर्फ 2,000 किलोमीटर वाली मिसाइल रेंज तक सीमित बताता था, जो इजरायल, सऊदी और यूरोप के कुछ हिस्सों तक असर डालती थी लेकिन अचानक 10,000 किलोमीटर का दावा भू-राजनीतिक खेल में बड़ा ट्विस्ट है. यह मिसाइल रोड-मोबाइल लॉन्चर पर रखी जा सकती है, यानी कहीं भी छुपकर मूव हो सकती है. रिपोर्ट ये भी कहती है कि ईरान सॉलिड-फ्यूल टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, जिससे मिसाइल को मिनटों में लॉन्च किया जा सके.
अमेरिका की डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा दबाव
अमेरिका की मिसाइल डिफेंस सिस्टम अभी तक सिर्फ उत्तर कोरिया जैसे छोटे खतरे को ध्यान में रखकर बनाई गई थी. लेकिन ईरान का ये दावा पूरी गेम बदल सकता है. अब अमेरिका को अलास्का और कैलिफोर्निया में इंटरसेप्टर बढ़ाने, NORAD और एजिस डिफेंस सिस्टम को अपग्रेड करने जैसा बड़ा कदम उठाना पड़ सकता है. ये सिर्फ मिसाइल नहीं, अमेरिका को एक सीधी चेतावनी भी है ईरान अब क्षेत्रीय ताकत नहीं, वैश्विक खिलाड़ी बनना चाहता है. आर्थिक संकट, प्रतिबंध और घरेलू गुस्से के बीच, ईरान का यह दावा उसके लिए राजनीतिक ‘शक्ति प्रदर्शन’ भी माना जा रहा है.
ईरान अब खुलकर चुनौती दे रहा !
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान अक्सर अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है. न कोई टेस्ट फ्लाइट का वीडियो, न वारहेड की जानकारी, न कोई स्वतंत्र सैटेलाइट रिपोर्ट. इसलिए यह दावा प्रोटोटाइप, आधा-सच या पूरी तरह ब्लफ भी हो सकता है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में धमकी भी हथियार होती है और ईरान ने यह हथियार अभी लॉन्च कर दिया है. अमेरिका और यूरोप इस दावे को हल्के में नहीं ले सकते, और यही ईरान की बड़ी चाल है. दुनियाभर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले हफ्तों में क्या ईरान टेस्ट फ्लाइट दिखाता है और क्या अमेरिका खुलकर प्रतिक्रिया देता है.