कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की अंतिम परमाणु डील अभी तक तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल किसी समझौते की घोषणा करना जल्दबाजी होगी। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर ईरान-अमेरिका संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
बातचीत जारी, लेकिन समझौते से अभी दूरी
जी-7 सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि वार्ताओं में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन अभी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी चिंताओं पर कायम है और किसी भी समझौते में सुरक्षा संबंधी पहलुओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक सभी शर्तों पर स्पष्ट सहमति नहीं बनती, तब तक किसी अंतिम नतीजे की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
सैन्य कार्रवाई का विकल्प अब भी खुला
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि बातचीत असफल रहती है और कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो अमेरिका अपने अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। ट्रंप की इस चेतावनी को ईरान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति फिर से बढ़ सकती है।
परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा मुद्दा
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर अधिक पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित करे, जबकि ईरान अपने अधिकारों की रक्षा की बात करता रहा है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि अब तक कोई ऐसा समझौता सामने नहीं आया है जिसे दोनों पक्ष अंतिम रूप से स्वीकार कर सकें।
डील फाइनल होने की खबरों को किया खारिज
ट्रंप ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौता हो चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों का वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है और फिलहाल किसी भी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ट्रंप के बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर जारी रहेगा, लेकिन समझौते तक पहुंचने का रास्ता अभी आसान नहीं दिखाई देता। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे की वार्ताओं में क्या प्रगति होती है और क्या दोनों देश किसी साझा समाधान तक पहुंच पाते हैं।