यूरोपीय यूनियन (EU) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है, जिसके बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने धमकी दी है कि EU के इस फैसले के जवाब में वे उन देशों की सेनाओं को आतंकवादी संस्था घोषित कर सकते हैं जिन्होंने इस कार्रवाई में सहयोग किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने EU के इस फैसले को "बड़ी रणनीतिक गलती" बताया है और कहा है कि यह फैसला ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की गुलामी का परिणाम है। ईरान ने यह भी धमकी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में लाइव फायरिंग ड्रिल करेगा, जो EU के लिए एक चेतावनी है।
संगठन घोषित करने के पीछे कई कारण
यूरोपीय यूनियन (EU) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करने के पीछे कई कारण हैं। EU का मानना है कि IRGC न केवल ईरान में राज्य हिंसा को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है, बल्कि विदेशों में भी अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों का समर्थन कर रहा है। इसके अलावा, EU ने IRGC पर ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने का आरोप लगाया है, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई है।
EU के फैसले के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:
- आंतरिक दमन: IRGC पर ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने का आरोप है।
- बाहरी अस्थिरता: IRGC विदेशों में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों का समर्थन करता है।
- हथियारों का प्रसार: IRGC पर हथियारों के प्रसार और आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने का आरोप है।