ईरान को चीन से क्रूज मिसाइल मिलने की खबरें हैं, जो मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा सकती हैं। चीन का CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल 290 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और दुश्मन के जहाजों को बहुत कम समय में तबाह कर सकती है। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर और तेज स्पीड से उड़कर जहाजों पर लगे डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस डील के पीछे ईरान की रणनीति है कि वह अपनी सैन्य ताकत बढ़ाकर अमेरिका और इजरायल को दबाव में रख सके। अमेरिका ने भी ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए मिडिल ईस्ट में अपने सैन्य बलों को तैनात किया है, जिसमें दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल हैं।
लड़ाकू विमान और युद्धपोत शामिल
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर मिडिल ईस्ट की राजनीति पर बहुत बड़ा हो सकता है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है, जिसमें 50 से अधिक लड़ाकू विमान और युद्धपोत शामिल हैं। ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो वह इजरायल और मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला करेगा।
चीन से क्रूज मिसाइल मिलने की खबरें
चीन की इस डील के पीछे रणनीति यह है कि वह अपनी सैन्य ताकत बढ़ाकर अमेरिका को दबाव में रख सके। ईरान को चीन से क्रूज मिसाइल मिलने की खबरें हैं, जो मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा सकती हैं।
वैश्विक राजनीति पर असर
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर वैश्विक राजनीति पर बहुत बड़ा हो सकता है। अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, खाड़ी में संकट और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता फैल सकती है। ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलें और हिजबुल्लाह व हूती जैसे प्रॉक्सी मिलिशिया हैं, जो क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं।