नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरान ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सदस्य देशों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अमेरिका की दबाव और धौंस की राजनीति को अब खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और प्रतिबंधों की राजनीति को लेकर भी चिंता जताई।
BRICS बैठक में अमेरिका पर सीधा हमला
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका की नीतियों पर खुलकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश लंबे समय से अमेरिकी दबाव और एकतरफा फैसलों का सामना कर रहे हैं। अराघची ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश मिलकर ऐसी नीतियों का जवाब दें और वैश्विक संतुलन बनाए रखें।
‘धौंस की राजनीति’ पर ईरान का बड़ा बयान
अराघची ने कहा कि अमेरिका की ‘धौंस’ और ‘जबरदस्ती’ की नीतियों को अब इतिहास के कूड़ेदान में डाल देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बैठक में शामिल लगभग हर देश किसी न किसी रूप में अमेरिकी प्रतिबंधों या दबाव का सामना कर चुका है। ईरान ने इस मुद्दे पर ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
अमेरिका की तुलना ‘घायल जानवर’ से की
ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका की तुलना एक ‘घायल जानवर’ से करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब साम्राज्य कमजोर होने लगते हैं, तो वे अपनी ताकत बचाने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि गिरते हुए साम्राज्य अक्सर आक्रामक रवैया अपनाते हैं और दुनिया को अस्थिर करने की कोशिश करते हैं।
सामूहिक जवाब देने की अपील
अराघची ने ब्रिक्स देशों से अपील की कि वे वैश्विक स्तर पर बढ़ते दबाव और एकतरफा प्रतिबंधों के खिलाफ एकजुट होकर काम करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बहुपक्षीय सहयोग और मजबूत साझेदारी की जरूरत पहले से ज्यादा है। ईरान ने संकेत दिया कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मिलकर नई वैश्विक व्यवस्था तैयार करनी चाहिए।
वैश्विक राजनीति में BRICS की बढ़ती भूमिका
बैठक के दौरान यह भी साफ दिखा कि BRICS अब सिर्फ आर्थिक मंच नहीं बल्कि वैश्विक राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है। सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय तनाव, आर्थिक दबाव और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।