मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की तरफ से एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के साथ हुई बातचीत के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नरम रुख दिखाया है। माना जा रहा है कि अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो जंग धीरे-धीरे कम हो सकती है और समुद्री रास्ते फिर से खुल सकते हैं।
जहाजों को मिल सकती है राहत
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ओमान की ओर से गुजरने वाले जहाजों को बिना किसी हमले के खतरे के सुरक्षित रास्ता देने पर विचार कर रहा है। यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। अगर यह लागू होता है तो तेल और गैस की सप्लाई फिर से सामान्य हो सकती है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार
हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक अमेरिका की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। व्हाइट हाउस और ईरान के विदेश मंत्रालय दोनों ही इस मुद्दे पर चुप हैं। ऐसे में यह देखना बेहद जरूरी होगा कि क्या अमेरिका इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है या फिर कोई नई शर्त सामने रखता है।
ये भी पढ़ें : शेयर बाजार की फीकी शुरुआत, Sensex चढ़ा लेकिन Nifty फिसला, इन शेयरों में हलचल
टोल और नाकेबंदी पर विवाद
इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा टोल वसूली और नाकेबंदी का भी है। ईरान पहले जहाजों से टोल लेने की बात कर चुका है, जिसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हुआ है। संयुक्त राष्ट्र के समुद्री संगठन ने भी इस पर आपत्ति जताई थी और इसे खतरनाक उदाहरण बताया था। ऐसे में नया प्रस्ताव इन विवादों को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दुनिया की सप्लाई पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यह केवल 34 किलोमीटर चौड़ा है, लेकिन इसके जरिए दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है। जंग के कारण यहां सैकड़ों जहाज और हजारों नाविक फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर भारी दबाव बना हुआ है।
सीजफायर के बाद उम्मीदें बढ़ीं
हाल ही में लागू हुए सीजफायर के बाद इस प्रस्ताव ने नई उम्मीदें जगा दी हैं। अगर दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो न सिर्फ जंग कम होगी, बल्कि तेल-गैस की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे क्या फैसला लिया जाता है।