पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक संदेश देते हुए अमेरिका और उसके राष्ट्रपति Donald Trump को स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज जलडमरुमध्य का भविष्य केवल ईरान और ओमान तय करेंगे। साथ ही भारत को भरोसा दिलाते हुए कहा गया है कि फारस की खाड़ी और ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें लेकर किसी भी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है।
होर्मुज जलडमरुमध्य पर ईरान का स्पष्ट रुख
ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि Strait of Hormuz पर किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं होगा। उसका कहना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जुड़े सभी निर्णय केवल ईरान और ओमान ही लेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।
भारत को दिया भरोसा—‘आप सुरक्षित हाथों में हैं’
ईरान ने भारत के नागरिकों को लेकर विशेष संदेश जारी करते हुए कहा है कि उसके “भारतीय मित्र” पूरी तरह सुरक्षित हैं। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया के जरिए आश्वस्त किया कि फारस की खाड़ी और ईरान में मौजूद सैकड़ों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित है और उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
आईआरजीसी का दावा—‘पूर्ण नियंत्रण हमारे पास’
Islamic Revolutionary Guard Corps ने भी इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरुमध्य पूरी तरह उनके “निर्णायक नियंत्रण” में है। उनके मुताबिक यह क्षेत्र ईरान की सैन्य ताकत के तहत मजबूती से सुरक्षित है और किसी भी दबाव में इसे दुश्मनों के लिए नहीं खोला जाएगा।
विदेश मंत्री ने खारिज किए सीजफायर के दावे
ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने अमेरिकी दावों को नकारते हुए कहा कि ईरानी नेतृत्व की ओर से किसी भी तरह के सीजफायर की मांग नहीं की गई है। उन्होंने दोहराया कि होर्मुज का भविष्य तय करने का अधिकार केवल ईरान और ओमान के पास ही है।
भारत के प्रति जताया सम्मान और आभार
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि Abdul Majid Hakim Elahi ने भारत को “निष्ठा और मानवता की भूमि” बताते हुए भारतीयों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में भारत के लोगों का समर्थन सराहनीय है, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है।