Iran-Israel Ceasefire: ईरान और इजरायल के बीच लगभग 12 दिनों से युद्ध चल रहा था. जिसमें दोनों ही देशों का काफी नुकसान भी हुआ है. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एंट्री से अब युद्ध विराम हो गया है. सीज फायर की घोषणा भी खुद ट्रंप ने ही की. जिसके बाद दोनों ही देशों की सेनाएं पीछे हठ गई हैं. अब सवाल उठता है आखिर डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों की मध्यस्ता कैसे की. साथ ही सीज फायर के लिए किन शर्तों में उन्हें सहमत किया. आइये जानते हैं 3 प्वाइंट में पूरा गणित
क्या कहते हैं सूत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान और इजरायल के बीच हुए सीजफायर में कतर की भूमिका को अहम माना जा रहा है.
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कतर ने ईरान को सीजफायर के लिए राजी किया, जबकि ट्रंप ने इजरायल को आश्वस्त किया कि अगर ईरान हमले नहीं करता, तो वह भी शांति बनाए रखेगा. यह मध्यस्थता दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली में सहायक रही.
डोनाल्ड ट्रंप का 3 प्वाइंट फॉर्मूला
प्वाइंट नंबर 1. सीजफायर पर डोनाल्ड ट्रंप का पहला प्वाइंट है कि पहले ईरान युद्धविराम करेगा. ट्रंप के मुताबिक, दोनों देश पहले अपनी अंतिम सैन्य कार्रवाइयां पूरी करेंगे. इसके बाद ईरान पहले 12 घंटे सीजफायर करेगा.
प्वाइंट नंबर 2. जब ईरान के 12 घंटे सीजफायर के हो जाएंगे तब बारी इजरायल की होगी. यानी ईरान के 12 घंटे बाद इजरायल अगले 12 घंटों के लिए सीजफायर करेगा.
प्वाइंट नंबर 3. ईरान के 12 घंटे और इजरायल के 12 घंटे के सीजफायर के बाद यानी पूरे 24 घंटे बाद जंग खत्म हो जाएगी. डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, 24 घंटे बाद युद्ध को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित किया जाएगा.
कतर की भी अहम भूमिका