ईरान-इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। जंग के 21वें दिन इजरायल ने एक ही दिन में दो बड़े हमले कर ईरान की सैन्य ताकत को गहरा झटका दिया है। इन हमलों में IRGC के प्रवक्ता और बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख की मौत हो गई। लगातार हो रहे हमलों से ईरान के सैन्य और नेतृत्व ढांचे पर गंभीर असर पड़ रहा है।
IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत
इजरायल द्वारा किए गए ताजा हवाई हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी मारे गए। वे संगठन में जनसंपर्क और रणनीतिक संदेश देने की अहम भूमिका निभा रहे थे। जुलाई 2024 में उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया था और वे अक्सर ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर बयान देते थे।
बासिज फोर्स के इंटेलिजेंस चीफ भी बने निशाना
एक अलग हमले में बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी की भी मौत हो गई। वे संगठन में आंतरिक सुरक्षा, जासूसी रोकथाम और निगरानी जैसे संवेदनशील कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी मौत को ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
130 से ज्यादा ठिकानों पर इजरायल का हमला
इजरायल ने दावा किया है कि उसने पश्चिमी और मध्य ईरान में 130 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल साइट, ड्रोन बेस और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इजरायल का उद्देश्य ईरान की हमलावर क्षमता को कमजोर करना और अपनी हवाई बढ़त को मजबूत करना बताया जा रहा है।
ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी थे नैनी
अली मोहम्मद नैनी 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे। उन्होंने करीब 8 वर्षों तक फ्रंटलाइन पर विभिन्न भूमिकाओं में सेवा दी। इस दौरान वे घायल भी हुए थे। युद्ध के बाद उन्होंने कई रणनीतिक और प्रचार संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं, जिससे वे IRGC के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
पहले भी हो चुका है बड़ा नेतृत्व नुकसान
इससे पहले 17 मार्च 2026 को हुए हमले में ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी की भी मौत हो चुकी है। उनकी मौत के बाद ईरान के शीर्ष नेतृत्व में अस्थिरता बढ़ गई है। लगातार हो रहे हमलों से यह संकेत मिल रहा है कि इजरायल अब सीधे ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बना रहा है।