इजरायल ने रविवार को दावा किया कि उसने ईरान के तेल ठिकानों को निशाना बनाया है। तेहरान और आसपास के शहरों में स्ट्राइक की वजह से पूरा आसमान काले धुएं में समा गया और दूर-दूर तक लपटें दिखीं। इसके बाद जहरीली बारिश की चेतावनी लगातार जारी की जा रही है। इन सब परिस्थितियों के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने जबरदस्त निंदा करते हुए कहा है कि ये हमले इंसानियत के खिलाफ हैं।
हमलावर हवा में खतरनाक और जहरीले तत्व छोड़ रहे
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने कहा कि ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स पर यूएस-इजरायल की हवाई बमबारी लड़ाई के एक खतरनाक नए दौर की निशानी है और यह एक वॉर क्राइम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ईंधन डिपो को निशाने पर ले, हमलावर हवा में खतरनाक और जहरीले तत्व छोड़ रहे हैं, आम लोगों को जहर दे रहे हैं, पर्यावरण को बर्बाद कर रहे हैं, और बड़े पैमाने पर इंसानों को खतरे में डाल रहे हैं।
बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए प्रोपेलेंट बनाना है शामिल
बघाई ने आगे कहा, पर्यावरण और इंसानी तबाही के नतीजे ईरान की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रहेंगे। ये हमले वॉर, इंसानियत के खिलाफ अपराध और नरसंहार हैं। इजरायल के अनुसार, इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने इस हमले को सही करार दिया और पत्रकारों को बताया कि डिपो का इस्तेमाल ईरान की जंग की कोशिशों में फ्यूल भरने के लिए किया जाता था, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए प्रोपेलेंट बनाना या स्टोर करना शामिल है। उन्होंने कहा, वे एक लीगल मिलिट्री टारगेट हैं।
10,000 सिविलियन स्ट्रक्चर्स को नुकसान
बता दें कि तेहरान की आबादी लगभग 10 मिलियन है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ऐसा शायद पहली बार है जब युद्ध में किसी सिविल इंडस्ट्रियल जगह को निशाना बनाया गया है। हालांकि, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, यूएस और इजरायली हमलों से देश भर में लगभग 10,000 सिविलियन स्ट्रक्चर्स को नुकसान हुआ है।