Iran-Pakistan Relations: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और पाकिस्तान के रिश्तों में नई खटास देखने को मिल रही है। खुद को मध्यस्थ बताने वाला पाकिस्तान अब ईरानी मीडिया के निशाने पर है। खासकर पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर अमेरिका समर्थक रुख अपनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्पक्षता पर उठे सवाल
ईरानी मीडिया का कहना है कि एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले देश को पूरी तरह निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान इस कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा। तेहरान को लग रहा है कि इस्लामाबाद दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखने में असफल रहा है, जिससे भरोसे का संकट गहराता जा रहा है।
झुकाव का आरोप
ईरान ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया है कि पाकिस्तान का रुख स्पष्ट रूप से अमेरिका की ओर झुका हुआ है। आरोप है कि कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर पाकिस्तान वॉशिंगटन के हितों को आगे बढ़ा रहा है, जिससे उसकी मध्यस्थता की भूमिका संदिग्ध बन गई है।
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संदेश और डबल गेम पर विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आसिम मुनीर तेहरान से एक प्रस्ताव लेकर लौटे थे, जिसे अमेरिका तक पहुंचाया जाना था। हालांकि ईरान का दावा है कि इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे यह संदेह गहरा गया है कि क्या पाकिस्तान ने संदेश सही तरीके से पहुंचाया भी या नहीं। साथ ही ईरानी मीडिया ने पाकिस्तान पर ‘डबल गेम’ खेलने का आरोप लगाया है—एक ओर शांति वार्ता की बात और दूसरी ओर अमेरिका के साथ खड़े होने का आरोप।
बढ़ता अविश्वास
इस विवाद का सीधा असर शांति वार्ता पर पड़ रहा है। यदि मध्यस्थ पर ही भरोसा न रहे तो बातचीत आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। ईरान का मानना है कि पाकिस्तान की भूमिका अब संतुलित नहीं रही, जिससे वार्ता प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसे में क्षेत्र में स्थिरता लाने की कोशिशों को भी झटका लग सकता है।