Iran Internet Cable Threat : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इसी बीच खबर आई है कि अगर अमेरिका और इजरायल फिर से हमला करते हैं, तो ईरान खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बना सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो दुनिया की डिजिटल सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत में यूपीआई भुगतान से लेकर व्हाट्सऐप और यूट्यूब तक को लेकर चिंता बढ़ गई है।
समंदर के नीचे बिछी हैं इंटरनेट केबल
आज दुनिया में इंटरनेट का बड़ा हिस्सा समुद्र के नीचे बिछी केबल के जरिए एक देश से दूसरे देश तक पहुंचता है। इन केबल को अंडरसी केबल कहा जाता है। इनके जरिए एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच डिजिटल संपर्क बना रहता है। लोग भले ही मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करते हों, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेटा पहुंचाने में इन केबल की अहम भूमिका होती है। अगर इन्हें नुकसान पहुंचता है, तो कई देशों के बीच इंटरनेट की रफ्तार और कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है अहम?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल और गैस की आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। इस क्षेत्र के आसपास से संचार के लिए इस्तेमाल होने वाली समुद्र के नीचे की केबल भी गुजरती हैं। यही वजह है कि इस इलाके में सैन्य तनाव बढ़ने पर इंटरनेट ढांचे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा होती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने संभावित हमले की स्थिति में इन केबल को निशाना बनाने की तैयारी की बात कही है।
क्या UPI और WhatsApp हो जाएंगे बंद?
अगर समुद्र के नीचे की कुछ केबल कट जाती हैं, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक पर पड़ सकता है। व्हाट्सऐप, यूट्यूब, सोशल मीडिया और क्लाउड सेवाओं में रुकावट या धीमापन आ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में ये सभी सेवाएं एक साथ पूरी तरह बंद हो जाएंगी। इंटरनेट का डेटा कई अलग-अलग रास्तों से भी पहुंचता है। असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-सी केबल प्रभावित हुई है और दूसरे रास्तों पर कितना दबाव पड़ता है।
भारत के डिजिटल भुगतान पर कितना असर?
भारत में यूपीआई भुगतान के लिए इंटरनेट कनेक्शन और संबंधित बैंकिंग सेवाओं की जरूरत होती है। अगर किसी क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित होती है, तो ऑनलाइन भुगतान में परेशानी आ सकती है। लेकिन समुद्र के नीचे किसी केबल के कटने से पूरे भारत में यूपीआई बंद हो जाएगा, ऐसा कहना सही नहीं होगा। दूसरी केबल और वैकल्पिक नेटवर्क कुछ ट्रैफिक को संभाल सकते हैं। हालांकि, बड़े स्तर पर नेटवर्क प्रभावित होने पर भुगतान और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं में दिक्कत बढ़ सकती है।
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दुनिया के इंटरनेट के लिए बड़ा खतरा
दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट ट्रैफिक का बहुत बड़ा हिस्सा समुद्र के नीचे बिछी केबल से गुजरता है। इन केबल को नुकसान पहुंचने से कई देशों की कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है। फिर भी असर हर जगह एक जैसा नहीं होगा, क्योंकि इंटरनेट नेटवर्क में वैकल्पिक रास्ते भी मौजूद हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने पर कहीं डिजिटल ढांचे को निशाना न बनाया जाए। ऐसा होने पर इंटरनेट सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है और आम लोगों से लेकर कारोबार तक प्रभावित हो सकते हैं।