Iran-US-Israel Tensions Escalate: अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस बीच क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
UN को पत्र
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र भेजकर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। पत्र में आरोप लगाया गया कि सर्वोच्च नेता को जानबूझकर निशाना बनाया गया। ईरान ने सुरक्षा परिषद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
परमाणु ठिकाने सुरक्षित
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने स्थिति को चिंताजनक बताया, लेकिन कहा कि अब तक किसी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने और परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
हजारों नागरिक बाहर
चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 3,000 से अधिक नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाला जा चुका है। बीजिंग ने शेष नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। एक चीनी नागरिक की मौत की भी पुष्टि की गई है।
बढ़ता दबाव
संघर्ष के बीच इराक के जुरफ अल-सख्र क्षेत्र में ईरान समर्थित समूहों के ठिकानों पर हमले की खबर है। राहत एजेंसियों के अनुसार, कई प्रांत प्रभावित हुए हैं और व्यापक स्तर पर बचाव कार्य जारी हैं। हालात नाजुक बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा है।