अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब 22वें दिन और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जवाबी हमलों की रफ्तार तेज हो गई है और कई नए मोर्चे खुलते नजर आ रहे हैं। सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ इसका असर वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जिससे हालात और ज्यादा जटिल बनते जा रहे हैं।
ईरान का पलटवार, 55 ठिकानों पर निशाना
ईरान ने जवाबी कार्रवाई को तेज करते हुए अमेरिका और इजरायल से जुड़े 55 ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों ने युद्ध को और व्यापक बना दिया है। लगातार हो रहे हमलों से यह साफ है कि दोनों पक्ष पीछे हटने के मूड में नहीं हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
डिएगो गार्सिया तक पहुंचा युद्ध का असर
ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे की ओर भी मिसाइलें दागकर अपनी लंबी दूरी की क्षमता का संकेत दिया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि युद्ध अब सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री इलाकों तक फैल गया है।
वैश्विक असर: खेल, सेना और कूटनीति प्रभावित
मौजूदा हालात का असर अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर भी दिख रहा है। सुरक्षा कारणों से दोहा में होने वाला जिमनास्टिक्स वर्ल्ड कप स्थगित कर दिया गया है। वहीं, कई देशों ने अपने सैनिकों को मिडिल ईस्ट से वापस बुलाना शुरू कर दिया है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भारतीयों पर भी पड़ा असर, मौतों का आंकड़ा बढ़ा
इस संघर्ष का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। रियाद में हुए मिसाइल हमले में एक और भारतीय की मौत हो गई है, जिससे अब तक मरने वाले भारतीयों की संख्या बढ़ गई है। यह घटना विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
ट्रंप के संकेत और अनिश्चित भविष्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म करने के संकेत दिए हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सभी विकल्प खुले हैं। दूसरी ओर, ईरान ने कुछ देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने की बात कही है, जिससे कूटनीतिक रास्तों की संभावनाएं भी बनी हुई हैं।