ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को धमकी देते हुए कहा है कि राजद्रोहियों की कमर तोड़ दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल प्रदर्शनकारियों को उकसा रहे हैं और उनकी सरकार इन राजद्रोहियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया और कहा कि वे ईरानी लोगों के खून से हाथ रंगने वाले हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी हरकतों से बाज आएं, नहीं तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
कई शहरों पर कब्जा कर चुके हैं
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हमला किया गया, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान की स्थिति बहुत खराब है और प्रदर्शनकारी कई शहरों पर कब्जा कर चुके हैं।
नए राजनीतिक व्यवस्था की स्थापना की भी मांग
ईरान में प्रदर्शनकारियों की मांगें मुख्य रूप से आर्थिक सुधार, राजनीतिक परिवर्तन और मानवाधिकारों की रक्षा हैं। प्रदर्शनकारी ईरानी सरकार से आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के इस्तीफे और एक नए राजनीतिक व्यवस्था की स्थापना की भी मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
आर्थिक सुधार: प्रदर्शनकारी ईरान की आर्थिक स्थिति में सुधार, महंगाई में कमी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक परिवर्तन: प्रदर्शनकारी ईरान में राजनीतिक परिवर्तन, मानवाधिकारों की रक्षा और राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। मानवाधिकार: प्रदर्शनकारी ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करने और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का इतिहास भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ईरान ने अमेरिका पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और अपने देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।