युद्ध के बीच आईआरजीसी ने बड़ा दावा किया है कि उसने एक और इजरायली विमान को मार गिराया है। आईआरजीसी के मुताबिक उन्होंने फाइटर जेट f16 को मार गिराया है। इजराइल में हर बार फिर से हमला किया गया है और इजरायल के सफद और गैली में सायरन बजने लगे हैं। लोग बंकर्स की ओर जाते हुए नजर आए। इजराइल में लगातार हमले और इन हमलों और धमाकों की आवाज से लगातार हर ओर गूंज सुनाई दे रही है। इजराइल के सफद और गैली में सायरन बजते हुए सुनाई दिए।
अमेरिका अपने लक्ष्य के बेहद करीब
अब सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या ईरान युद्ध खत्म होने की कगार पर है? क्या इसके खात्मे का जल्द ऐलान हो जाएगा? क्या अमेरिका अब इस युद्ध से निकलने की कोशिश में है? जी हां, 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग ने अब उस मोड़ पर दस्तक दी है जहां ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका अपने लक्ष्य के बेहद करीब है। पर क्या है वह पांच बड़े प्लांस जिनके जरिए ट्रंप ईरान के शासन और उसके परमाणु सपनों को निस्तनाबूत करना चाहता है। तारीख थी 28 फरवरी 2026, जब दुनिया कूटनीति की उम्मीद कर ही रही थी। तब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक आदेश ने तेहरान को दहला दिया।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया
बातचीत की मेज को पलट कर ट्रंप ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया। पहले ही हमले में यह दावा किया गया कि सुप्रीम लीडर खामेनेई का खात्मा हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप के हौसले बुलंद थे। जैसा ट्रंप ने सोचा था युद्ध वैसा आसान नहीं रहा। जैसे-जैसे दिन बीते, ईरान ने अपनी सीओसाइड ड्रोन और हाइपरसोनिक
मिसाइलों के जखीरे खोल दिए। मिडिल ईस्ट में फैले अमेरिकी ठिकानों पर आग की बारिश होने लगी। इजराइल का भी गुरूर टूट गया। यह वही मोड़ था जहां ट्रंप के सुर बदलने लगे। कल तक नो टाइम लिमिट की बात करने वाले ट्रंप अब युद्ध खत्म करने का संकेत दे रहे हैं।
मित्र देशों की पूरी हिफाजत करन
ट्रंप का पहला प्लान था कि ईरान की मिसाइल, हथियार, फैक्ट्री, नौसेना, वायुसेना का खात्मा, ट्रंप का दूसरा प्लान परमाणु पाबंदी। ईरान को कभी भी एटम बम के करीब ना पहुंचने देना। ट्रंप का तीसरा प्लान, सहयोगियों की सुरक्षा। इजराइल, सऊदी अरब, अन्य मित्र देशों की पूरी हिफाजत करना। ट्रंप का चौथा प्लान होमस का मुद्दा जो देश होमस से तेल मंगाते हैं। सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होनी चाहिए। ट्रंप का पांचवां प्लान मिशन का अंत। एक बार ईरान का डर रेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।