अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत के कारोबार पर भी साफ नजर आने लगा है। खासकर जेम्स और ज्वैलरी सेक्टर को बड़ा झटका लग सकता है। अनुमान है कि करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग 18500 करोड़ रुपये के निर्यात पर असर पड़ सकता है।
निर्यात का बड़ा हिस्सा खतरे में
जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस संकट के कारण कुल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है। कुछ सामान को दूसरी जगह भेजने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बड़ी मात्रा में ऐसा करना संभव नहीं है। यही वजह है कि कारोबारियों की चिंता बढ़ती जा रही है।
भारत का बड़ा बाजार है पश्चिम एशिया
भारत हर साल बड़ी मात्रा में रत्न और आभूषण निर्यात करता है। इसमें अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश अहम भूमिका निभाते हैं। खासकर दुबई इस व्यापार का बड़ा केंद्र माना जाता है, जहां से अन्य देशों में भी सामान भेजा जाता है।
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दुबई पर असर से बढ़ी परेशानी
युद्ध के कारण दुबई पर भी असर पड़ा है, जिससे भारतीय निर्यातकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारी सोने के आभूषण जैसे उत्पाद खासतौर पर दुबई के लिए बनाए जाते हैं और इन्हें दूसरी जगह बेचना आसान नहीं होता। इसलिए इस रुकावट का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
हवाई मार्ग बंद होने से दिक्कत
जेम्स और ज्वैलरी का व्यापार ज्यादातर हवाई रास्ते से होता है। लेकिन युद्ध के कारण कई जगहों पर हवाई सेवाएं बाधित हो रही हैं। एयरपोर्ट बंद होने और उड़ानों में रुकावट से माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार धीमा पड़ गया है।
ग्राहकों की कमी से और बढ़ी चिंता
युद्ध के माहौल के कारण खाड़ी देशों में आने वाले ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है। पहले कई देश के खरीदार दुबई आकर खरीदारी करते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। इससे व्यापारियों का भरोसा भी कमजोर पड़ा है और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।