ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब सीधे निवेशकों की जेब पर पड़ रहा है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार से लेकर सोना-चांदी और रुपये तक हर मोर्चे पर भारी नुकसान हुआ है। बढ़ते वैश्विक तनाव और तेल संकट के चलते निवेशकों में घबराहट का माहौल है, जिससे बाजार में बड़ी बिकवाली देखी गई।
सोना-चांदी में भारी गिरावट, निवेशकों को झटका
कीमती धातुओं में सोमवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। चांदी के दाम में एक ही दिन में बड़ी गिरावट आई और यह अपने उच्च स्तर से करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है। वहीं सोने के दाम में भी एक झटके में हजारों रुपये की कमी आई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
रुपया लगातार कमजोर, नए लो-लेवल पर पहुंचा
भारतीय मुद्रा पर भी दबाव साफ नजर आ रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरता जा रहा है और सोमवार को यह नए निचले स्तर के करीब पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की मजबूती इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
शेयर बाजार में मचा हाहाकार
सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। बाजार खुलते ही भारी बिकवाली का दौर शुरू हो गया। सेंसेक्स में 1800 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी भी सैकड़ों अंक टूटकर नीचे आ गया। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई।
ग्लोबल टेंशन और तेल संकट का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल-गैस संकट ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया है। इसका सीधा असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं, लेकिन मौजूदा हालात में हर सेक्टर दबाव में दिखाई दे रहा है।
आगे क्या? बाजार में अनिश्चितता बरकरार
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में भी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।